केंद्र सरकार द्वारा कमजोर वर्ग के लोगों को कॉलेज में दाखिले और सरकारी नौकरियों मेें 10 प्रतिशत आरक्षण देने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट का समर्थन मिलने से लोगों ने इसकी सराहना की है। लोगों ने कहा कि इससे सामाजिक ताना-बाना और मजबूत होगा। युवाओं और अभिभावकों ने सकारात्मक निर्णय बताया है।
यह बहुत सराहनीय कदम है। इससे गरीबों को बहुत फायदा होगा। कॉलेजों में प्रवेश के साथ नौकरियों में भी फायदा मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट के समर्थन की मैं हृदय से आभारी हूं। गरीबों के हित में एक शानदार पहल है।
- डॉ. श्वेता भारद्वाज, अभिभावक
आरक्षण का आधार आर्थिक होना चाहिए। जातिगत आरक्षण से तो सही व्यक्ति को फायदा नहीं मिल पाता। सुप्रीम कोर्ट का समर्थन मिलने का बहुत स्वागत करती हूं। सरकार और सुप्रीम कोर्ट ने गरीबों के हित में सही कदम उठाया।
-निशा गुप्ता, छात्रा
103 संविधान संशोधन सभी शिक्षा संस्थानों में आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को 10 फीसदी आरक्षण देने की बात करता है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में सही बताया है। ऐसे छात्र देश के बेहतरीन शिक्षण संस्थानों में अपनी जगह बना सकता है।
प्रिंसी भारद्वाज, छात्रा
यह आरक्षण भारत सरकार की तरफ से एक सराहनीय कदम था, जिस पर बहस करना गलत है। आर्थिक आधार पर आरक्षण देकर हम एक वर्ग के लोगों की गरीबी रेखा पार करने में मदद कर रहे हैं। वे लोग रोजगार भी पाएंगे।
-विदुषी कुमारी, छात्रा
केंद्र सरकार व सुप्रीम कोर्ट ने जिस तरह से आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के हित में आरक्षण की बात कही है, यह सराहनीय है। कमजोर लोगों को अब कॉलेज और सरकारी नौकरियोें में आरक्षण देना एक बेहतर निर्णय है।
-सलमान खान, छात्र
मेरे हिसाब से जो सुप्रीम कोर्ट ने जो कॉलेज में दाखिले और सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण का समर्थन किया है, उसके दूरगामी नतीजे सामने आएंगे। ऐसे लोग समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे और अपना भविष्य बना सकेंगे।
-अफ्शं इलियास, छात्रा
श्वेता।- फोटो : CITY OFFICE
निशा।- फोटो : CITY OFFICE
अफशां।- फोटो : CITY OFFICE