प्रशासनिक अधिकारी अल्पसंख्यक समाज के सभी वर्गों के साथ बारी-बारी से बैठक करेंगे। प्रत्येक माह होने वाले इस बैठक में उस अल्पसंख्यक समाज की ही समस्याओं को सुना जाएगा।
पिछली सुनवाई में आई समस्याओं के निस्तारण की भी समीक्षा होगी। अल्पसंख्यकों के अधिकार सुरक्षित करें इसके लिए सीडीओ डीएस सचान ने यह नई व्यवस्था शुरू की है।
विकास भवन सभागार में शुक्रवार को आयोजित अल्पसंख्यक अधिकार दिवस गोष्ठी में ईसाई समुदाय के प्रतिनिधि जानी फॉस्टर ने सुझाव रखा था कि जिले में अल्पसंख्यकों के विभिन्न समुदाय की अलग -अलग समस्याएं हैं।
उनके निस्तारण के लिए जरूरी है कि हर समुदाय के साथ अलग-अलग बैठक कर उनको दूर किया जाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सीडीओ ने इस तुरंत स्वीकर कर लिया। सीडीओ ने कहा कि अधिकारी हर माह किसी एक समुदाय के साथ बैठक करेंगे। यह बैठकें सभी समुदाय के साथ क्रमवार होंगी।
डीएस सचान ने कहा कि अल्पसंख्यक वर्गों के सभी प्रतिनिधियों को चाहिए कि वे अपने तबके के चहुंमुखी विकास के लिये शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास के प्रति सदैव रहे।
वे शासन की विकासपरक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति समाज को जागरूक करें शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने शिक्षा को विकास की कुंजी बताया है। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को अच्छी तालीम देना हर मां बाप का फ र्ज है। तालीम ही वह चाबी है, जिससे उनका भविष्य उज्ज्वल हो सकता है। परिवार तरक्की कर सकता है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रशांत कुमार ने अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिये संचालित योजनाओं की जानकारी दी। डा. मसूद अहमद ,उर्दू अध्यापक नसीम अहमद, डा. इकबाल, गुलजार अहमद, एमएम खान ,सरदार दलजीत सिंह, डा. अंबुज जैन ,डा. जयसिंह सुमन, हाजी सिराजुउद्धीन आदि ने अपने विचार व्यक्त किये।
शहर में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन को पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया। संचालन अहमद सईद सिद्दीकी ने किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी एम जेड खान , पीएमजीवाई के अधिशासी अभियंता एम एम बेग, डीडीओ शकील अहमद सहित बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदायों के महिला व पुरुष बतौर प्रतिनिधि उपस्थित रहे।