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ग्रीन कॉरिडोर धड़ाम: सुबह छह से रात 10 बजे तक चलाने पर प्रतिबंध, ऑटो-ई-रिक्शा फिर भी भर रहे फर्राटा

Tue, 15 Sep 2026 10:15 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

शहर में सारसौल से बौनेर तक सुबह छह बजे से रात 10 बजे के बीच ऑटो और ई-रिक्शा चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन सोमवार को इसका कोई असर नहीं दिखाई दिया। ऑटो-ई-रिक्शा दिन भर फर्राटा भरते रहे।
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बौनेर चौराहे पर लगी ई-रिक्शा की कतार - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ में बौनेर तिराहा से सारसौल चौराहे तक शहर के अंदरूनी जीटी रोड पर बनाए गए 10 किमी लंबे ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था फिर से धड़ाम हो गई है। नगर निगम प्रशासन ने इस कॉरिडोर पर सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक ऑटो और ई-रिक्शा चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन सोमवार को इसका कोई असर नहीं दिखाई दिया। ऑटो-ई-रिक्शा दिन भर फर्राटा भरते रहे।

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ऑटो और ई-रिक्शा चालक मनमाना किराया वसूल कर फर्राटा भर रहे हैं। छोटी से छोटी दूरी 10 रुपये और थोड़ा अधिक होने पर 15 से 20 रुपये तक लिए जा रहे हैं। इस कॉरिडोर पर ई-बस सेवा अब तक मुसाफिरों के लिए मुफीद नहीं बन सकी है। इन बसों के इंतजार में अधिकांश मुसाफिर ऑटो और ई-रिक्शा में ही सफर कर रहे हैं। पूरे रास्ते में जाम, धूल-धुआं, संकरी सड़कें और यातायात व्यवस्था का पालन नहीं होने से मुसाफिर परेशान हैं। रात नौ बजे के बाद यह समस्या और बढ़ जाती है। गौर हो कि इससे पहले 15 अप्रैल को ग्रीन कॉरिडोर व्यवस्था लागू की गई थी, लेकिन सफल नहीं हो पाई थी।

बौनेर चौराहे से अचलताल तक जाने के लिए आधे पौन घंटे तक ई-बस का इंतजार करना पड़ता है। बस वाले 10 रुपये लेते हैं और ई-रिक्शा वाले मनमाने ढंग से 20 रुपये लेते हैं।-चंद्रमणि बाई।
मैं कासगंज से कार सही कराने बौनेर चौराहे पर आया था। यहां से सराय रहमान तक ऑटो पार्ट्स लेने जाना है, लेकिन ई-बस नहीं मिल रही है। जिससे परेशान हूं। ऑटो में परेशानी होती है।-रणबीर सिंह।

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बौनेर चौराहे पर खड़ा हूं। काफी देर तक ई-बस का इंतजार करना पड़ता है। ग्रीन कॉरिडोर के बस स्टॉप बहुत गंदे हैं। इनमें बैठा नहीं जा सकता है। बहुत धूल और मिट्टी उड़ रही है।-रोहित कुमार।
मुझे भी बौनेर चौराहे से रसलगंज तक जाना है, लेकिन ई-बस नहीं मिल रही है। ग्रीन कॉरिडोर बनाने के बाद भी मुसाफिरों की हालत वही है। जब तक जीटी रोड ठीक नहीं होता, समस्या रहती है।-मंसूर आलम।
ग्रीन कॉरिडोर बनाने के बाद से अब तक पुलिस या नगर निगम की टीम ने कभी नहीं रोका है। शहर में ऑटो और ई-रिक्शा की संख्या के अनुसार रूट और अन्य व्यवस्थाएं नहीं हो सकी हैं।-ताज मोहम्मद।
ग्रीन कॉरिडोर पर कोई रोकता नहीं है, लेकिन ऑटो और ई-रिक्शा वाले आखिर कहां जाएंगे। इस बारे में भी सोचना चाहिए। उनके बच्चे कैसे पलेंगे। यह भी प्रशासन को सोचना चाहिए।-इब्राहिम।
ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था नई है। अभी इसको व्यवस्थित करने पर ध्यान दिया जा रहा है। अंदरूनी जीटी रोड चौड़ा किया जा रहा है। लोगों में यातायात के नियमों का पालन करने की आदत विकसित की जाएगी।-प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त।
शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास लगातार जारी हैं। ग्रीन कॉरिडोर पर काम किया जा रहा है। ऑटो और ई-रिक्शा को व्यवस्थित किया जा रहा है।-प्रवीण यादव, एसपी ट्रैफिक।

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सरसोल चौराहा ग्रीन कॉरिडोर के नजारे - फोटो : संवाद
यहां लग रहा जाम
  • तहसील तिराहा
  • मसूदाबाद
  • रसलगंज
  • गांधी पार्क
  • दुबे का पड़ाव
  • अचलताल,
  • छर्रा अड्डा पुल
  • नौरंगाबाद
  • एटा चुंगी चौराहा
  • ओजोन सिटी मोड़

शहर में दौड़ रहे वाहन
  • स्कूटी- 67,302
  • बाइक - 5, 30,789
  • मोपेड - 42, 903
  • ऑटो - 5,071
  • ई- रिक्शे - 5,013
  • कार - 1,22,546
  • जीप - 5,443
  • बस - 1,077
  • ट्रक - 3,675
  • ट्रैक्टर - 35, 082
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