ई चालान सर्विस का शुभारंभ में कमिश्नर गौरी शंकर प्रियदर्शी, आई जी पीयूष मोर्डिया व एसएसपी।
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अब सीट बेल्ट, हेलमेट पहनकर ही घर से निकलें। साथ ही सड़क पर चलते समय यातायात नियमों का पालन करें। महानगर के 20 चौराहों पर लगी ट्रैफिक लाइटों पर तो ई-चालान व्यवस्था शुरू हो ही गई है। साथ में ट्रैफिककर्मियों को 40 ई-चालान मशीनें भी वितरित की गई हैं, जो कभी भी कहीं भी किसी का ऑनलाइन चालान कर जुर्माना वसूल सकेंगे। नगर निगम के जवाहर भवन में बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी व आईजी पीयूष मोर्डिया ने संयुक्त रूप से ई-चालान व्यवस्था को शुरू किया।
अलीगढ़ स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत इस व्यवस्था को शुरू किया गया है। मंडलायुक्त ने कहा कि शहर में ट्रैफिक मैनेजमेंट व्यवस्था को प्रभावी बनाने और लोगों को ट्रैफिक सेंस के प्रति जागरूक करने के लिए ई चालान व्यवस्था एक सराहनीय पहल है। मंडलायुक्त ने ई चालान में भाषा सरल व हिंदी में करने के साथ पंजीकृत ई रिक्शा चालकों द्वारा ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर उनको भी इस व्यवस्था से जोड़ने के निर्देश दिए।
आईजी पीयूष मोडिया ने कहा कि ट्रैफिक नियम कहता है कि धीरे चले, निरंतर चलें और सकुशल गंतव्य तक पहुंचे। एसएसपी मुनिराज जी ने कहा कि ई चालान हैंडिल डिवाइस से ट्रैफिक पुलिस शहरवासियों की सोच को बदलने का प्रयास करेगी। नगर आयुक्त प्रेमरंजन सिंह ने कहा कि सबके सहयोग से अलीगढ़ के ट्रैफिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा। एसपी यातायात सतीश चंद्र ने भी इस विषय में विस्तार से जानकारी दी।
मंडलायुक्त के निर्देश
- ई-रिक्शा पंजीकरण के साथ-साथ हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को अनिवार्य रूप से लागू करें आरटीओ।
- अलीगढ़ स्मार्ट सिटी तकनीकी टीम ट्रैफिक मैनेजमेंट कंट्रोल सिस्टम यातायात पुलिस विभाग को सौंपे।
- अलीगढ़ स्मार्ट सिटी के माध्यम से जेब्रा लाइन खींचने के लिए मशीन, मैन पॉवर और मैटेरियल क्रय कर ट्रैफिक विभाग को उपलब्ध कराया जाए।