रामलीला मैदान से रविवार तड़के रावण के पुतले के गायब होने की लीला शायद राम ही जानता है। सबके अपने-अपने आरोप हैं। मगर सच ये है कि बुराई के दहन के इस दिन भी पुतला गायब होने का सच सामने नहीं आया। हां, वहां जो देखने को मिला, उस पर गौर करें तो कमेटी की कड़ी चौकसी व तालों के बीच से रावण का मुख्य पुतला तो गायब था, जबकि एक छोटा अधबना पुतला रामलीला मैदान के पीछे पड़ा हुआ था। इस दौरान दो अलग-अलग तहरीरें पुलिस को दी गई हैं। आरोपों में घिरे कमेटी अध्यक्ष वेदप्रकाश जैन की ओर से कोई स्पष्ट बात नहीं कही गई है। फिलहाल हंगामे के बीच देर शाम रावण के पुतले का दहन करा दिया गया है।
श्री रामलीला गोशाला कमेटी ने परंपरा को कायम रखने के लिए इस बार कोविड-19 के चलते रामलीला मंचन की जगह संगीतमय रामायण पाठ कराया। विजयदशमी के अवसर पर सूक्ष्म रूप में नुमाइश मैदान की जगह रामलीला मैदान में रावण के पुतले का दहन होना तय हुआ, लेकिन रविवार तड़के रामलीला मैदान से पुतला गायब दिखा। पता चला कि रावण का पुतला और पुतला बनाने वाला कारीगर रात तीन बजे से गायब हैं। कारीगर अपने घर पर भी नहीं है। इसे लेकर कमेटी के पदाधिकारियों की बैठक हुई, लेकिन पुतले का कोई सुराग नहीं लगा। मगर बैठक समिति के अध्यक्ष वेद प्रकाश जैन नहीं आए। इसे लेकर उपाध्यक्ष विमल अग्रवाल ने यही अंदेशा व्यक्त किया कि कारीगर पुतला लेकर फरार है। उसे किसी ने भगाया है। उन्होंने अज्ञात लोगों पर पुतला गायब करने का आरोप लगाकर पुलिस को सूचना दे दी।
इधर, खबर पर भाजपा के विधायक संजीव राजा, अनिल पाराशर व सुरेंद्र सहयोगी, कांग्रेस नेता राजीव गुप्ता लीडर भी वहां पहुंच गए। रामलीला कमेटी अध्यक्ष वेदप्रकाश जैन को छोड़कर बाकी लोग भी आ गए। विधायकों ने वार्ता के लिए एसीएम व सीओ को भी बुलवा लिया। सवाल खड़ा हुआ कि पुतला किसने गायब किया। कमेटी अध्यक्ष पर भी दबाव में पुतला गायब कराने का आरोप लगा तो वह भी बुलवाए गए। उन्होंने बताया कि यहां रात में एक विधवा महिला चौकीदार रहती है। उसी के पास मैदान की चाभी है। वही बता सकती है। पुतला बनाने वाला भी गायब मिला। महिला चौकीदार को बुलाया गया तो बेवजह हंगामा करने लगी और आरोप लगाने लगी। इस पर विधायकों व पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। विधायक संजीव राजा ने कमेटी के लोगों से कह दिया कि कैसे भी लाएं पुतला दहन कराएं। बाद में भाजपा महानगर उपाध्यक्ष सुबोध स्वीटी ने वेदप्रकाश जैन व महिला चौकीदार और उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ पुतला गायब कर धार्मिक भावनाएं आहत करने संबंधी तहरीर दी। इस पर पुलिस ने वहां हंगामा कर रही महिला चौकीदार व वेदप्रकाश जैन को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया, जबकि जैसे-तैसे रावण बनाने वाले को बुलाकर दूसरे पुतले का इंतजाम करने की बात तय हुई। उसने बताया कि एक अधबना पुतला मैदान के पीछे पड़ा है। इस पर उसे वहां लाया गया और आनन-फानन उसमें कागज आदि चिपकाकर देर शाम रामलीला मैदान में पुतले का दहन कराया गया।
नोटिस के बाद रात में खड़ा हुआ विवाद
शनिवार देर शाम गांधीपार्क इंस्पेक्टर ने शनिवार देर शाम रामलीला कमेटी के महामंत्री अरविंद कुमार को अनुमति बिना लिए रावण दहन न किए जाने संबंधी नोटिस भेज दिया। उस समय तो कमेटी के लोगों ने चौकी पर जाकर यह स्पष्ट कर दिया अधिकारियों से वार्ता के बाद तय हुआ है। पुतला यहीं दहन होगा। रात में अधिकारियों ने भी इस पर सहमति दे दी। आयोजन में इसी के बाद विवाद की एंट्री हो गई।
- रामलीला कमेटी में आपस में ही सामंजस्य की कमी के चलते यह विवाद खड़ा हुआ है। उन्हें नोटिस तो सिर्फ कोविड नियमों का पालन कराने व सूक्ष्म रूप में आयोजन करने को लेकर दिया गया था। आपसी विवाद में पुतला गायब किया गया। मगर एक पुतला मैदान के पीछे ही पुलिस ने देख लिया। जिसे तैयार कराकर दहन कराया गया है। किसी तरह का विवाद नहीं है। इसमें पुलिस को घसीटना गलत है। जो तहरीर आई हैं, उन पर कार्रवाई की जा रही है।
-मुनिराज जी, एसएसपी
पुतला गायब होने पर आरोप-प्रत्यारोपों का दौर, दो तहरीर भी पहुंची थाने
अब प्रकरण पर गौर फरमाएं तो सुबह रामलीला मैदान में रावण न होने पर श्री गोशाला रामलीला कमेटी के अध्यक्ष वेदप्रकाश जैन से वार्ता करनी चाही, लेकिन वह स्पष्ट कुछ नहीं बोले। इसके बाद उपाध्यक्ष विमल अग्रवाल से बात की तो उन्होंने कुछ भी बताने में असमर्थता जताई। बताया गया कि रविवार तड़के पुतले को लेकर कुछ लोग चले गए हैं। कुल मिलाकर रावण के गायब होने की लीला तो राम ही जानते हैं, जबकि इस मामले में मुकदमा दर्ज कराने के लिए दो तहरीर गांधीपार्क थाने पहुंची। प्रशासन ने कहा कि रामलीला समिति में आपसी की फूट के चलते ऐसा हुआ है, जबकि वेदप्रकाश जैन ने दबी जुबान कहा कि नोटिस के चलते रावण का पुतला हटवा दिया था। रावण दहन के समय सीओ द्वितीय राघवेंद्र सिंह, एसडीएम फर्स्ट अंजुम बी, इंस्पेक्टर बन्नादेवी धीरेंद्र मोहन शर्मा, इंस्पेक्टर गांधीपार्क मणिकांत शर्मा, राजीव गुप्ता लीडर, विमल अग्रवाल, अरविंद्र अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
यह बोले नेता
-रामलीला समिति के अध्यक्ष वेद प्रकाश जैन और कर्मचारियों ने मिलकर रावण का पुतला गायब कराया है। इससे भावनाओं को ठेस पहुंची। इसीलिए गांधीपार्क थाने में मुकदमे के लिए तहरीर दे दी है।
-सुबोध स्वीटी
- शहर के बीचों बीच रामलीला मेदान से रावण का पुतला गायब हो जाना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है और यह भाजपा सरकार के रामराज्य की पोल खोलता हैं। जिन लोगों ने रावण का पुतला गायब किया है। प्रशासन को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
-राजीव गुप्ता लीडर, कांग्रेस जिला कोआर्डिनेटर
- रावण का पुतला गायब होना हिंदु समाज व प्रभु श्री राम के भक्तों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना है। कार्रवाई कराने के लिए तहरीर थाने में दी है। इस मामले में प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करने चाहिए। रावण दहन की जिम्मेदारी समिति की थी। अब वही इसका जवाब देगी। मुख्यमंत्री से भी इसकी शिकायत की है।
-राजैश सैनी, वरिष्ठ सपा नेता
रावण का पुतला गायब करने में स्थानीय पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। अनावश्यक रूप से पुतला दहन कार्यक्रम को विवादित बनाकर दशहरा में माहौल खराब करने का प्रयास किया गया है। हर साल नुमाइश मैदान में पुतला दहन होता है। महामारी के कारण इस बार रामलीला मैदान में सांकेतिक रूप से रावण दहन होना था। दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
- अनिल पाराशर, विधायक, कोल विधान सभा क्षेत्र
पुलिस प्रशासन एवं रामलीला कमेटी के अध्यक्ष ने साठगांठ कर पुतला गायब कराया है। भगवान की असीम कृपा रही कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर कलंक लगने से बच गया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष का कहना है कि रात में 3 बजे पुलिसकर्मी आए थे। सीसीटीवी फुटेज की जांच होनी चाहिए। जिला प्रशासन पूरी घटनाक्रम की जांच कराए और दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराए।
- संजीव राजा, विधायक, शहर विधान सभा क्षेत्र
थाना गांधी पार्क के एसओ ने रात्रि 9 बजे रामलीला कमेटी के अध्यक्ष को नोटिस दिया। रात्रि 3 बजे रावण का पुतला गायब हो गया। रामलीला मैदान के गेट की चाभी चौकीदार के पास रहती है। कमेटी के अध्यक्ष के कहने पर चौकीदार ने गेट खोला और पुलिस वाले अंदर गए। उसके बाद रावण का पुतला गायब हो गया। पूरे मामले की जांच कर दोषी लोगों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
- राजकुमार सहयोगी, विधायक, इगलास विधान सभा क्षेत्र
महिला चौकीदार की गिरफ्तारी पर विरोध के स्वर
रावण का पुतला गायब होने के मामले में पुलिस ने शांति भंग की धाराओं में रामलीला मैदान की महिला चौकीदार राधारानी अग्रवाल उर्फ चांदनी का चालान कर दिया है। इस कार्रवाई पर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। चांदनी के जेठ मुरारीलाल अग्रवाल ने कहा कि वेद प्रकाश जैन और विमल अग्रवाल दोनों की शह पर ही रावण गायब हुआ है। चांदनी उनकी विधवा बहु है। चांदनी का पति और उनका छोटा भाई राजकुमार अग्रवाल ने 35 साल रामलीला मैदान में अपनी सेवा दी है। उसकी मृत्यु पर चांदनी को चौकीदारी की नौकरी मिली थी। मुरारीलाल ने कहा कि चोरी होने का प्रकरण वह नहीं जानते हैं, लेकिन आधीरात अगर कोई पदाधिकारी दरवाजा खुलवाएगा तो दरवाजा खोलना पड़ेगा। बाकी निष्पक्ष जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।