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नई पौध व बीज न होने से किसान बना रहे नुमाइश से दूरी

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राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी में सजा कृषि कक्ष । - फोटो : CITY OFFICE
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राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी में रस्म अदायगी की जा रही है, यहां उद्योग मंडप से अलीगढ़ का ताला-हार्डवेयर गायब है तो कृषि कक्ष से किसान नदारद हैं। इसके पीछे कारण है कि इस बार भी कृषि प्रदर्शनी में ऐसी कोई खास बात नहीं है, जो किसानों को आकर्षित करे। न तो यहां नई पौध प्रदर्शनी के लिए रखी गई है और ही कोई नया बीज। हालांकि, इस बार कृषि विभाग ने पराली को नष्ट करने वाले यंत्रों को प्रदर्शनी के लिए रखा है, जिससे किसान पराली को जलाने के बजाय इन उपकरणों का उपयोग कर उसे नष्ट कर सकें। पांच फरवरी से लगी प्रदर्शनी में बीते 10 दिनों में सिर्फ 79 किसान ही कृषि विभाग के अस्थाई कार्यालय पहुंचे हैं।
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साहित्य तक सीमित रह गई कृषि
कृषि प्रदर्शनी में कृषि विभाग का एक अस्थाई कार्यालय खुला है। यहां किसानों के लिए जानकारी के नाम पर सिर्फ कृषि साहित्य थमा दिया जा रहा है। इसके अलावा यहां न तो कोई नई पौध है और न ही नया बीज रखा गया है। उपकरणों की बात की जाए तो इस बार झटका मशीन की स्टाल लगी है। यह झटका मशीन खेतों से आवारा पशुओं को दूर रखने के काम आती है। खेत की बाड़ बंदी में इसका इस्तेमाल होता है, जैसे ही आवारा पशु खेत में घुसने की कोशिश करता है, उसे बिजली का हल्का का झटका महसूस होता है। वहीं, पराली को कम/नष्ट करने वाले यंत्र हैं। उप कृषि निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि यहां दो एफपीओ द्वारा जैविक खेती की स्टाल लगाई गई है। साथ ही एक शुद्ध शहद की स्टाल लगवाई गई है। जायद की फसलों की नर्सरी के पौध हैं। यहां किसानों को आने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
कृषि प्रदर्शनी धीरे-धीरे अपना स्वरूप खो रही है। यहां किसानों के लिए कोई नई जानकारी नहीं है। कुछ साल पहले तक यहां किसान आते थे तो उनको नई-नई जानकारी और नई-नई प्रजाति की पौध देखने को मिलती थी।
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- जितेंद्र सिंह, किसान
गन्ने की खेती करते हैं। इस बार गन्ने को लेकर भी कोई कृषि प्रदर्शनी में कोई ऐसी नई जानकारी नहीं है, जो किसानों को यहां आने के लिए प्रेरित करे।
- राजीव शर्मा, किसान
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