डिजिटल करेंसी में रुपया निवेश कर दोगुना करने का ऑफर देकर दुबई बेस्ड एक कंपनी पर लाखों की ठगी का आरोप लगा है। इस संबंध में स्थानीय एसीजेएम-द्वितीय के न्यायालय में दायर वाद पर अदालत ने इस कंपनी के सभी अधिकारियों को तलब करते हुए समन जारी कर एसएसपी चंडीगढ़ को समन भेजे हैं। 13 अक्तूबर को सभी को कोर्ट में तलब किया है। इधर, आवेदक अधिवक्ता का दावा है कि इस कंपनी ने देश में कई करोड़ रुपये की ठगी की है और यह जिले में पहला मुकदमा दायर हुआ है।
अधिवक्ता हरभन सिंह बिट्टू ने बताया कि वादी अजीत सिंह कैलाश गली के बहनोई दिल्ली में रहते हैं। उनके संपर्क से कुछ लोग 21 अगस्त 2021 को अलीगढ़ आए और एक होटल में उन्हें व उनके भाई गुरमीत सिंह को बुलाकर अपनी एलपीएनटी के विषय में बताया। कहा कि यह कंपनी बिटकन क्वाइन की तरह डिजिटल करेंसी पर काम करती है। इस कंपनी के डिजिटल क्वाइन वर्तमान में शेयर कीमत अनुसार 80 रुपये के हैं। आज खरीदने पर छह महीने में दोगुना होंगे। एक बार में कम से कम 100 क्वाइन एक बार में खरीदकर फिर अन्य क्वाइन अपनी हैसियत अनुसार खरीदे जा सकते हैं।
इसमें पहले 100 क्वाइन की कीमत बैंक खाते में, बाकी नकद दी जाएगी। इस पर दोनों भाइयों ने 30 हजार रुपये बैंक खाते में और 6 लाख रुपये नकद दिए। इसके बदले उन्हें क्वाइन दिए गए। खास बात है कि यह रकम एलपीएनटी के किसी खाते के बजाय श्रीराम ट्रेडिंग कंपनी के खाते में डलवाई गई। इसके बाद छह माह बाद जब पूछा तो कंपनी के क्वाइन की कीमत गिरा दी गई। जब दबाव देना शुरू किया तो अभद्रता की गई। इस पर जांच की तो पाया कि कंपनी देश में पंजीकृत नहीं है, बल्कि इंग्लैंड में पंजीकृत है। इसका मुख्यालय दुबई में बना रखा है।
इस कंपनी के अधिकारियों ने इससे पहले दो अन्य कंपनियां बनाकर इसी तरह लोगों से रुपये ऐंठकर बंद कर दी हैं और अब आगे नई कंपनी बनाने की तैयारी हैं। इस कंपनी के अधिकारियों के पास 90 फीसदी शेयर हैं, 10 फीसदी ग्राहकों पर हैं। इसलिए खुद अपने अनुसार कीमत गिरा लेते हैं।अब यह भी धमकी देने लगे हैं कि जिस पर रकम ली जाए, ले सकता है। इस आधार पर कंपनी के अधिकारी हैप्पी शेख, रामप्रकाश, गुरुप्रित, रविंद्र नागर, संदीप, करमजीत, प्रवीन कुमार, संतीश आदि निवासी सेक्टर 35 सी चंडीगढ़ को आरोपी बनाया गया है। इनमें सतीश दुबई आफिस में बैठता है।
अधिवक्ता के अनुसार न्यायालय ने उनकी अर्जी स्वीकारते हुए सभी को समन जारी किए हैं। एसएसपी चंडीगढ़ को समन भेजे गए हैं और 13 अक्तूबर को सभी को तलब किया है। अधिवक्ता का दावा है कि इस कंपनी ने देश में कई करोड़ की ठगी की है।