एक परीक्षार्थी की माताजी का स्वास्थ्य खराब है। इसके बाद परीक्षार्थी कक्ष से बाहर जाना चाहता था, लेकिन कक्ष निरीक्षक ने नियमों का हवाला देते हुए उसे रोक दिया, जिससे दोनों के बीच नोकझोंक हो गई। घटना के विरोध में कार्यकर्ता दोपहर तीन बजे धरने पर बैठ गए।
अलीगढ़ के डीएस कॉलेज में बी.कॉम कॉमर्स विषय की परीक्षा के दौरान परीक्षार्थी और कक्ष निरीक्षक में नोकझोंक हो गई। परीक्षार्थी अपनी मां का स्वास्थ्य खराब होने पर परीक्षा कक्ष से बाहर जाना चाह रहा था, तभी कक्ष निरीक्षक ने आपत्ति जताई। इस पर खूब हंगामा हुआ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य के कक्ष का घेराव करके गेट पर ताला जड़ दिया।
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30 मार्च को दोपहर 1:30 बजे से 2:30 बजे तक परीक्षा थी। तभी विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता ने परीक्षा दे रहे एक परीक्षार्थी से बताया कि उनकी माताजी का स्वास्थ्य खराब है। इसके बाद परीक्षार्थी कक्ष से बाहर जाना चाहता था, लेकिन कक्ष निरीक्षक ने नियमों का हवाला देते हुए उसे रोक दिया, जिससे दोनों के बीच नोकझोंक हो गई। घटना के विरोध में कार्यकर्ता दोपहर तीन बजे धरने पर बैठ गए। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य कक्ष के गेट पर ताला जड़ दिया और पुतला फूंककर विरोध जताया। प्राचार्य के जांच के आश्वासन पर रात सात बजे धरना समाप्त हुआ। प्रदेश सहमंत्री खुशी सिंह ने कहा कि शिक्षण संस्थान संस्कारों का केंद्र होते हैं, गुंडागर्दी का अड्डा नहीं।
महानगर मंत्री पियूष भारद्वाज ने कहा कि परीक्षार्थी के साथ हुई ऐसी बदसलूकी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षिका ने धमकी भी दी। इकाई अध्यक्ष आकाश सिंह और आंदोलन प्रमुख यथार्थ सिंह ने शिक्षिका के निलंबन की मांग की है। धरने में जतिन आर्य, कनिका गुप्ता, सभ्यता, अमन शर्मा, विवेक आदि शामिल रहे। इस संबंध में प्राचार्य प्रो. मुकेश कुमार भारद्वाज ने बताया कि पूरे मामले की जांच सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।