अवैध कारोबारियों का अड्डा बनते जा रहे जेएन मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस के बाद अब दवा माफिया भी गुंडई पर उतर आए हैं। रविवार को एक दवा विक्रेता ने जेएन मेडिकल में अंदर जाने से हुई रोकटोक से खिसियाकर सिक्योरिटी गार्ड पर हमला कर दिया। इस दौरान फायर झोंका और साथियों संग मिलकर गार्ड को पीट दिया । मौके पर अन्य गार्ड एकत्रित हो गए और भागते एक हमलावर को दबोच लिया । घटना मेडिकल चौकी से चंद कदम दूर की है, मौके पर पहुंची पुलिस ने हमलावर को तमंचा के साथ गिरफ्तार कर लिया।
सारसौल बन्नादेवी का मो.नईम जेएन मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर पर गार्ड है। आरोप है कि गार्ड ने शनिवार को ड्यूटी के दौरान जकरिया मार्केट के मेडिकल स्टोर संख्या 17 के संचालक कासिफ उर्फ मैडी को अंदर जाने से रोक दिया था। इस बात पर वह खिसिया गया और रंजिश मन में पाल ली। रविवार शाम नईम अपनी शिफ्ट की ड्यूटी खत्म कर घर जा रहा था। तभी मेडिकल से निकलते ही एंबुलेंस स्टैंड के पास घेरकर उस पर तमंचे से फायर किया और जमकर पीटा । हालांकि गोली उसके नहीं लगी। मगर फायरिंग की आवाज सुन अन्य गार्ड मौके पर पहुंचे तो हमलावरों ने दौड़ लगा दी।
इस दौरान कासिफ को दौड़कर दबोच लिया गया। वह भागते समय गड्ढे में गिर गया था। उसके पास से तमंचा भी बरामद हुआ। खबर पर मेडिकल चौकी पुलिस भी वहां पहुंच गई। इस सूचना पर कार्यवाहक प्रॉक्टर सैय्यद अली नवाज जैदी भी आ गए। इस मामले में नईम की ओर से गिरफ्तार कासिफ के अलावा उसके साथियों सद्दाम, अतहर, आदिल, फरमान के खिलाफ नामजद तहरीर दी गई है। सीओ तृतीय के अनुसार मुख्य आरोपी गिरफ्तार है, अन्य क ीतलाश जारी है।
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घटना की वजह
हमले के पीड़ित नईम ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि जकरिया मार्केट के दुकानदार व उनके एजेंटों पर आरोप है कि वे मेडिकल में घुसकर वार्ड व ओपीडी आदि में घूमते हैं। मरीजों के तीमारदारों से जबरन दवा के पर्चे छीन लेते हैं। फिर वे उन्हें इस बात पर तैयार करते हैं कि हम सस्ते दामों में दवा आपको दिलाएंगे। इसे लेकर कई बार विवाद हुआ हैं। इसी के चलते एएमयू इंतजामिया ने सख्त निर्देश दिए हैं कि इस तरह के चिह्नित दुकानदारों को अंदर प्रवेश न करने दिया जाए। इसी बात पर कासिफ को रोका गया था। इंतजामिया का तर्क है कि मरीज व उसके तीमारदार की अपनी मर्जी है कि वह कहां से दवा ले। इसमें अंदर छीना झपटी उचित नहीं है।