फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

50 सीसी का लाइसेंस, 100 पर फर्राटा, अभिभावकों को हो सकती है जेल

विज्ञापन
विज्ञापन
आपका बच्चा 16 साल का हो गया है। आपने स्कूल और कोचिंग जाने के लिए बिना गियर वाला दोपहिया वाहन दिलाते हुए परिवहन विभाग से 50 सीसी का ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) भी बनवा दिया। अगर, यह जतन करके आप बेफिक्र हो गए हैं तो सजग हो जाएं। यह नासमझी जेल की हवा खिला सकती है। आरटीओ ऑफिस से नाबालिगों के लिए 50 सीसी इंजन वाले बिना गियर के वाहन का लाइसेंस जारी किया है, जबकि आपका बच्चा 100 सीसी या उससे ऊपर की क्षमता वाले वाहन से फर्राटा भर रहा है।
विज्ञापन

परिवहन विभाग अब ऐसे नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ अभियान चलाने जा रहा है। चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर पहले तो पांच हजार रुपये का जुर्माना होगा। वहीं, अगर बच्चे से वाहन चलाते समय कोई दुर्घटना होती है तो वह अभिभावकों को सलाखों के पीछे भी पहुंचा सकता है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में दो हजार से अधिक बिना गियर वाले लाइसेंस धारक हैं।
दो-तीन दशक पहले बनते थे 50 सीसी के वाहन
वाहन बनाने वाली कंपनियों द्वारा 50 सीसी इंजन की क्षमता के दोपहिया वाहन दो-तीन दशक पहले तक बनाए जाते थे। अब सिर्फ बैटरी चलित स्कूटी या फिर मोपेड ही 50 सीसी के हैं। वर्तमान में वाहन टेक्नोलॉजी में आए बदलाव के बाद से इन दो वाहनों के अलावा एक्टिवा हो या अन्य कोई बिना गियर वाला वाहन सभी 100 सीसी के बनाए जा रहे हैं।
विज्ञापन

दुर्घटना होने पर अवैध माना जाएगा लाइसेंस
अलीगढ़ संभाग के आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन ने बताया कि संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट के सेक्शन 3, 4, और 5 में परिवहन विभाग इस उम्र के बच्चों को केवल 50 सीसी इंजन वाले वाहन चलाने की अनुमति देता है। नए कानून के मुताबिक 16 से 18 साल तक के बच्चों को 50 सीसी से ज्यादा का वाहन चलाने पर नाबालिग के साथ वाहन मालिक को भी दोषी माना जाएगा। यदि ऐसे में कोई दुर्घटना होती है और घायल की मौत हो जाती है तो भारतीय दंड संहिता की धारा 304 ए के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
केवल लाइसेंस चेक करती है पुलिस
यातायात पुलिस या तो नाबालिगों को पकड़ती नहीं है, कभी पकड़ भी ले तो केवल लाइसेंस चेक करती है। यह नहीं देखती कि बिना गियर के लाइसेंस में नाबालिग गियर वाला वाहन तो नहीं चला रहा। मगर, अब परिवहन विभाग इनके खिलाफ अभियान छेड़ने जा रहा है। आरटीओ प्रवर्तन के मुताबिक यातायात नियमों का उल्लंघन किसी स्तर पर सहन नहीं किया जा रहा है। ऐसे में अब ट्रैफिक पुुलिस और परिवहन विभाग इनके खिलाफ अभियान चलाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें