एएमयू से बीटेक करने वाले नवेद आसिफ खान अपनी पत्नी रमशा कदीर के साथ
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अमेरिका में सत्ता परिवर्तन के साथ ही अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व और मौजूदा वह छात्र, जो अमेरिका में जाकर नौकरी करने का सपना देखते हैं, उनको बहुत उम्मीद हो चली है। ऐसे भी युवा हैं जो पहले अमेरिका में नौकरी कर रहे थे, लेकिन महामारी के दौरान उन्हें भारत लौटना पड़ा। अब बदली हुई परिस्थितियों में एक बार फिर से उनका अमेरिकन ड्रीम जिंदा हो गया है। इसके अलावा वह लोग जो पहले से ही अमेरिका में रह रहे हैं उनको अब ग्रीन कार्ड मिलने की पूरी उम्मीद हो गई है। इस कार्ड के मिलने के बाद अमेरिका की नागरिकता मिलने का रास्ता साफ हो जाता है।
पढ़ाई के बाद छात्रों को नौकरी और नागरिकता पाना होगा आसान : नवेद
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से बीटेक करने वाले नवेद आसिफ खान अपनी पत्नी रमशा कदीर के साथ अमेरिका के जॉर्जिया में थे। महामारी के दौरान वह भारत वापस आए थे। अब जब अमेरिका में बदली हुई परिस्थितियां हैं तो एक बार फिर से अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे हैं। नवेद कहते हैं अमेरिका में जो बदलाव हुआ है उसका सबसे बड़ा फायदा भारतीयों को एच वन बी वीजा और ग्रीन कार्ड में मिलेगा। नए चुने गए राष्ट्रपति बाइडन उदार हैं।
उनका दृष्टिकोण अंतरराष्ट्रीय है। उन्होंने भारत के साथ बेहतर से बेहतर संबंधों पर जोर दिया है और सुरक्षा परिषद में भी भारत की स्थायी सीट की वकालत की है। यह सभी भारत और भारत वासियों के लिए अच्छे संकेत हैं। बराक ओबामा ने एच वन बी वीजा प्राप्त करने वाले भारतीयों को यह सुविधा दी थी कि वह अपने जीवनसाथी को अमेरिका बुलाकर कुछ निर्धारित क्षेत्रों में नौकरी भी दिलवा सकते हैं, लेकिन ट्रंप ने इस पर रोक लगा दी थी। बाइडन के आने से एक बार फिर से इस सुविधा का रास्ता साफ हो गया है। नवेद कहते हैं कि ट्रंप के शासनकाल में छात्रों के लिए कोई बदलाव नहीं आया था, लेकिन इतना जरूर है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद अब छात्रों को अमेरिका में रहकर नौकरी करने और यहीं की नागरिकता हासिल करने की दिशा में आसानी हो जाएगी।
नागरिकता के लिए ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे लाखों भारतीयों को मिलेगी राहत : दीक्षा सिंह
बन्नादेवी क्षेत्र में आईटीआई रोड पर रहने वाले सेना से रिटायर्ड कर्नल राजकुमार सिंह की बेटी दीक्षा सिंह सिएटल में रहती हैं। दीक्षा सिंह कहती हैं अमेरिका में जो सत्ता परिवर्तन हुआ है वह भारत के दृष्टिकोण से बहुत ही महत्वपूर्ण है। संकीर्णता का अंत हुआ है और एक वैश्विक दृष्टिकोण की शुरुआत हुई है। बदली हुई परिस्थितियों का सबसे ज्यादा फायदा भारतीयों को आब्रजन, नौकरी और नागरिकता में मिलेगा। जिस तरह नए राष्ट्रपति बाइडन ने घोषणा की है कि पांच लाख भारतीयों को नागरिकता देंगे। इसका फायदा पहले से ही अमेरिका में रह रहे भारतीयों को मिलेगा जो कि 10 साल से भी ज्यादा समय से ग्रीन कार्ड के लिए इंतजार कर रहे थे। कुल मिलाकर भारतीयों के लिए नई सरकार का कार्यकाल अनुकूल रहने वाला है।