शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. आरके माहेश्वरी का 95 वर्ष की आयु में बुधवार को निधन हो गया। उनके निधन की खबर पर शहर में शोक की लहर दौड़ गई है। कासगंज में 18 जुलाई 1926 को जन्मे रूप किशोर माहेश्वरी ने लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज से 1951 में एमडी (मेडिसिन) की उपाधि प्राप्त की। लखनऊ में कुछ अनुभव हासिल करने के बाद अलीगढ़ में प्रैक्टिस प्रारंभ की। चिकित्सा को व्यवसाय के रूप में न लेकर सेवा के रूप में अपनाया। करीब 50 वर्ष तक शहरवासियों की सेवा की। उनकी ख्याति पूरे प्रदेश में पहुंची। डॉ. माहेश्वरी ने शहर की छह पीढ़ियों का इलाज किया। वे सहज एवं सरल स्वभाव के थे।
डॉ. माहेश्वरी अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। इनके ज्येष्ठ पुत्र विनय माहेश्वरी नागपुर में व्यवसाय करते हैं, जबकि कनिष्ठ पुत्र राजीव माहेश्वरी शहर के जाने माने उद्योगपति है। दोनों बहुयें गैर सरकारी संस्था के माध्यम से बालिकाओं को प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाती हैं।
अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा के उत्तराखंड के सह सचिव विनीत केला ने माहेश्वरी समाज की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि डॉ. आरके माहेश्वरी समाज के गौरव थे। आईएमए के जिला सचिव डॉ. भरत वार्ष्णेय ने कहा कि डॉ. आरके माहेश्वरी बेहतरीन चिकित्सक एवं शानदार इंसान थे। उनका जाना दुखद है। शहर की कई पीढ़ियों का इलाज किया है। चिकित्साजगत को अपूरणीय क्षति हुई है।