डॉ. कफील
गोरखपुर के डॉ. कफील खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अलीगढ़ में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में चल रहे धरना प्रदर्शन में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) में नामजद होने के बाद मथुरा जेल में बंद डॉ. कफील से फिलहाल रासुका नहीं हटाया जाएगा।
डॉ. कफील के वकील इरफान गाजी के मुताबिक राज्य स्तरीय एडवाइजरी बोर्ड ने उनके खिलाफ लगे रासुका पर मुहर लगा दी है। यह फैसला मथुरा जेल में बंद डॉ. कफील के पास भेजा जा चुका है। वकील ने कहा कि अब हम उच्च न्यायालय जाने की तैयारी करेंगे।
मालूम हो कि डॉ. कफील गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चिल्ड्रन वॉर्ड के प्रभारी थे। वह ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत के मामले में चर्चा में आए थे। इसके बाद नागरिकता कानून(सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर(एनआरसी) के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में आयोजित प्रदर्शन के दौरान उन्होंने भड़काऊ भाषण दिया था।
आरोप है कि इस दौरान उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भी टिप्पणी की थी। इसके बाद सिविल लाइंस थाना में डॉ. कफील के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। 29 जनवरी को उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने डॉ. कफील को मुंबई से गिरफ्तार किया था।
अलीगढ़ लाए जाने के बाद उन्हें मथुरा जेल भेज दिया गया था। डॉ. कफील तब से मथुरा जेल में ही बंद हैं।