शरीर के किसी भी हिस्से में असामान्य वृद्धि हो तो महिलाएं उसे नजरंदाज न करें। स्तन कैंसर से बचाव का यह सबसे अच्छा उपाय है। तुरंत चिकित्सक से मिलें। थोड़ी सी जागरूकता एवं हिम्मत से आप जानलेवा बीमारी की चपेट में आने से बच सकती हैं। अगर आ भी गई और फर्स्ट स्टेज में बीमारी पकड़ में आ गई तो आप पूरी तरह उससे छुटकारा पा सकती हैं।
तालानगरी स्थित कार्यालय में अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के अंतर्गत विश्व कैंसर दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. राखी मेहरोत्रा एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास मेहरोत्रा ने बताया कि महिलाओं में सबसे अधिक स्तन कैंसर एवं उसके बाद सर्वाइकल कैंसर के मामले सामने आते हैं। छोटी-छोटी बीमारियों को टालने की प्रवृति खतरनाक है। शरीर में असामान्य वृद्धि एवं अन्य समस्या हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
बच्चे भी आ रहे चपेट में
चिकित्सकों ने बताया कि देश में हर साल करीब एक लाख बच्चे ब्लड कैंसर एवं ट्यूमर के चिह्नित किए जा रहे हैं। ऐसे में बच्चों की दिक्कतों को नजरंदाज नहीं किया जाना चाहिए। लंबा बुखार, अचानक वजन में कमी, शरीर पर चकता, रक्त की कमी, गर्दन में गांठें, धुंधला एवं एक के बदले दो आदमी दिखना, स्कूल के प्रदर्शन में अचानक गिरावट, भूलना, चक्कर आने आदि की शिकायत हो तो अच्छे चिकित्सक से दिखाएं।
तंबाकू से करें तौबा, नियमित व्यायाम, प्रकृति प्रदत्त खाद्य सामग्री खाए, फास्ट फूड से दूर रहे, माइक्रोओवन एवं रिफाइंड के प्रयोग से बचे, भरपूर नींद ले, तनाव की स्थिति से बचे, वजन का ध्यान रखे, सब्जी का सेवन खूब करें
भारत में महिलाओं में सबसे अधिक ब्रेस्ट कैंसर के मरीज हैं। दूसरे नंबर पर सर्वाइकल कैंसर एवं तीसरे नंबर पर मुंह कैंसर है। मुंह कैंसर पहले पुरुषों को होता था, लेकिन अब महिलाएं भी इसकी चपेट में आ रही हैं। इसका कारण धूम्रपान एवं शराब आदि है। कुछ तो शराब स्टेटस सिंबल के लिए पीते हैं। हमें बीमारियों को टालने की प्रवृति छोड़नी होगी। किसी तरह की शिकायत आने पर हिम्मत कर जांच करानी चाहिए। समय रहते जांच कराने पर बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। तंबाकू एवं उसके उत्पादों को छोड़ना होगा। इसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की भी जरूरत है।
- डॉ. राखी मेहरोत्रा, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेष
भारत में तंबाकू पुरुषों में कैंसर का सबसे बड़ा कारण है। 35 से 45 वर्ष के बीच के युवा एवं अन्य लोग भी बड़ी संख्या में इसकी चपेट में आ रहे हैं। यह उम्र का वह पड़ाव है जब आदमी बच्चों की परवरिश एवं परिवार की जिम्मेदारियों से जूझता होता है। कैंसर की चपेट में आने के बाद परिवार बिखर जाता है। ऐसे में न सिर्फ अलीगढ़ बल्कि पूरे देश में तंबाकू हटाओ अभियान चलाया जाना चाहिए। इस पर पूरी तरह प्रतिबंध लग जाना चाहिए। माइक्रोओवन, फास्ट फूड एवं रिफाइंड आदि से दूर रहें। संयमित जीवन, नियमित योग और व्यायाम, स्वच्छ पर्यावरण तथा प्रकृति प्रदत्त खाद्य पदार्थों को अपनाकर हम कैंसर को मात दे सकते हैं।
- डॉ. विकास मेहरोत्रा, बाल रोग विशेषज्ञ
मैं अपने स्कूल में सभी बच्चों के लिए सूर्य नमस्कार अनिवार्य कर दूंगी। माइक्रोओवन घर से निकाल दूंगी। बच्चों के बीच कैंसर जागरूकता के कार्यक्रम चलाऊंगी।
- सुनीता सिंह, प्रिंसिपल, विश्व भारती पब्लिक स्कूल
स्कूल के आसपास की दुकानों पर तंबाकू उत्पाद न बेचने का आग्रह लोगों से करूंगी। बच्चों के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। बच्चों के माध्यम से परिजनों तक संदेश पहुंचाएंगे।
- कल्पलता चंद्रहास, प्रिंसिपल, नीहार मीरा नेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल
शरीर में किसी भी हिस्से में असामान्य वृद्धि हो तो तुरंत चिकित्सक से दिखाएं। चिकित्सक से अपनी समस्या बताने में कभी झिझके नहीं। बच्चों को एजुकेट किया जाएगा तो बात दूर तक जाएगी।
- आरती मित्तल, प्रिंसिपल, मदर्स टच सीनियर सेकेंडरी स्कूल
दीनदयाल संयुक्त अस्पताल में 45 वर्ष की महिलाएं व्हाइट डिस्चार्ज की जांच करा सकती हैं। सर्वाइकल कैंसर की पहचान हो जाती है। माहवारी के बाद पैड का इस्तेमाल करें। असामान्य गांठ की जांच कराए।
- डॉ. गीता प्रधान, एडी हेल्थ एवं सीएमओ
कैंसर जानलेवा बीमारी है। छोटी बीमारियों को कभी भी हल्के में नहीं ले। रसायन से तैयार प्रसाधन एवं खाद्य पदार्थों से परहेज करें। प्रकृति प्रदत्त चीजों पर भरोसा रखे।
- अंजू राठी, प्रिंसिपल, रेडिएंट स्टार्स इंग्लिश स्कूल
सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए टीका आ गया है। 9 से 14 वर्ष की बच्चियों को अवश्य लगवाए। अपनी समस्याओं को चिकित्सक से शेयर करें। बच्चियों को भी प्रोत्साहित करें एवं जागरूक बनाएं।
- डॉ. अल्पना बंसल, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ