मृतक अली हसन की पत्नी शाकिरा ने कहा कि बार-बार कहने पर मरीज को सीसीयू में ले गए, जहां डॉ. नितीश, डाॅ. कार्तिक, डॉ. राज ने तीमारदारों को धक्का मारकर बाहर निकाल दिया। मरीज के मरने के बाद 10 मिनट तक सीपीआर देने का नाटक करने लगे। उन्होंने डॉक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाना सिविल लाइंस में तहरीर दी है।
आरडीए ने लगाया चाकू से हमला करने का आरोप
रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने तीन रेजिडेंट डॉक्टरों पर चाकू से हमला करने का आरोप लगाया है। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. अख्तर अली ने बताया कि सुबह सात बजे वार्ड-11 में दुखद और निंदनीय घटना सामने आई। डॉक्टरों पर चाकू से हमला किया गया। इसमें एक डॉक्टर के कान में गंभीर चोट आई है। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन को चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती और मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक सभी डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे। आरडीए ने एफएआईएमए (फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन) से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।
ये हैं मांगें
- हमले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए।
- इस घटना में लापरवाही बरतने वाले नर्सिंग स्टाफ को तुरंत बर्खास्त किया जाए।
- अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों की संख्या सीमित की जाए और कड़ी निगरानी रखी जाए।
छह महीने में चौथी बार जूनियर डॉक्टरों ने की हड़ताल
जेएन मेडिकल कॉलेज में पिछले छह महीने में चौथी बार जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर गए हैं। इससे पहले 27 अगस्त, 13 जून, 14 जून और 22 अप्रैल 2025 को भी डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवाएं बंद कर हड़ताल की थी।