युवती के साथ छेड़खानी के आरोप में जेल भेजे गए पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. तुफैल को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से निलंबित कर दिया गया है।
आईएमए के सचिव डॉ. भरत वार्ष्णेय ने बताया कि आज ऑनलाइन जनरल बॉडी मीटिंग थी, जो स्थगित कर दी गई है। लेकिन डॉ. तुफैल को निलंबित कर दिया गया है। न्यायालय का फैसला आने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। प्राइवेट डॉक्टर्स एसोसिएशन की सचिव डॉ. जय शर्मा ने घटना को शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना की जितनी निंदा की जाए, कम है। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक भी इस घटना के बाद थू-थू कर रहे हैं। भाजपा नेता कृष्णा गुप्ता ने कहा कि डॉक्टर भगवान का रूप होता है। लेकिन बिटिया के साथ घिनौना कृत्य करने वाले डॉक्टर को समाज कभी माफ नहीं करेगा। वह डॉक्टर कहलाने लायक भी नहीं है। उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
पुलिस दूसरे दिन पहुंची गवाहों के बयान दर्ज करने
छेड़खानी के मामले में फंसे दीनदयाल अस्पताल के डॉक्टर तुफैल पर लगे आरोपों को लेकर क्वार्सी पुलिस ने दूसरे दिन गवाहों के बयान दर्ज किए। बृहस्पतिवार को इंस्पेक्टर क्वार्सी छोटेलाल व मुकदमा विवेचक दीनदयाल अस्पताल पहुंचे। इस दौरान वे उस वार्ड में गए, जहां पीड़ित युवती भर्ती है। उस वार्ड में मौजूद अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
ये वे गवाह हैं, जिनके नाम पीड़ित ने अपनी तहरीर में दर्ज किए हैं। पुलिस ने उनसे काफी देर तक अकेले में बातचीत की और सीसीटीवी फुटेज से लेकर युवती की तहरीर की बातों का उल्लेख करते हुए उनके बयान दर्ज किए। इंस्पेक्टर ने बताया कि अभी विवेचना जारी है। कई लोगों के बयान व जांच की अन्य औपचारिकताएं पूरी होनी हैं। उसके बाद केश डायरी तैयार की जाएगी।