महानगर के रामघाट रोड के केके हॉस्पिटल प्रकरण में पिछे 48 घंटे से हड़ताल पर चल रहे शहर के प्राइवेट डॉक्टरों ने रविवार शाम हड़ताल वापसी का ऐलान कर दिया। हड़ताल के चलते रविवार को तीसरे दिन भी शहर के अधिकांश हॉस्पिटल व नर्सिंग होम बंद रहे। इससे पहले दिन में डॉक्टर आईजी से भी मिले। इधर, डॉक्टर सागर वार्ष्णेय के खिलाफ शहर के कई सामाजिक संगठन भी लामबंद हो रहे हैं। डॉक्टर की गिरफ्तारी को लेकर दोहपर में क्वार्सी थाने का घेराव किया।
शुक्रवार शाम हुए घटनाक्रम के बाद करीब 7 बजे डॉक्टरों ने आईएमए-पीडीए के संयुक्त आह्वान पर हड़ताल का ऐलान कर दिया था। इसके बाद शनिवार को भी हड़ताल रखी और इंस्पेक्टर क्वार्सी के निलंबन की मांग को लेकर जाम व प्रदर्शन किया। हालांकि शनिवार को आईजी स्तर से उन्हें जांच के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन मिला था, जिसके बाद जाम व धरना हटा लिया गया था। जांच 24 घंटे में पूरी होने की बात कही गई थी। मगर इसके बाद पुलिस को सीसीटीवी के रूप में कुछ अन्य साक्ष्य मिल गए। जिसके आधार पर डॉक्टर व आईएमए पदाधिकारियों पर दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए।
पूर्व घोषणा के अनुसार रविवार को भी डॉक्टर हड़ताल पर रहे। दोपहर में आईजी से भी मिलने गए। इस दौरान आईजी ने उन्हें यही समझाया कि जांच पूरी कराई जा रही है। नए वीडियो साक्ष्य भी मिले हैं, उसके अनुसार नियमानुसार निष्पक्ष कार्रवाई होगी। इसके बाद दोपहर में आईएमए व पीडीए के प्रदेश नेतृत्व संग ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें प्रदेश स्तर पर इस आंदोलन को शुरू कराने की बात कही गई। शाम को केके हॉस्पिटल में आईएमए व पीडीए की जीबीएम हुई, जिसमें एक स्वर में डॉक्टरों ने जांच पूरी होने तक हड़ताल वापस करने का फैसला लिया। साथ में कहा कि हमें पूरा आश्वासन मिला है कि किसी के साथ गलत नहीं होगा। वहीं शनिवार को जाम लगाने वाले दूसरे पक्ष पर मुकदमा दर्ज न होने पर नाराजगी जताई।
इधर, तीमारदार परिवार को मारपीट के आरोप में डॉक्टर की गिरफ्तारी के लिए 15 सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी क्षत्रिय महासभा जिलाध्यक्ष शैलेंद्रपाल सिंह के आवास पर एकत्रित हुए। जहां बैठक में इस घटना की निंदा कर डॉक्टर की गिरफ्तारी की आवाज बुलंद की गई। इसके बाद सभी लोग एत्रित होकर क्वार्सी थाने गए। जहां गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया। इस दौरान इंस्पेक्टर व सीओ ने उन्हें उचित भरोसा दिया। लोगों ने साफ कहा कि अगर गिरफ्तारी नहीं हुई तो सामाजिक संगठन सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद यह तय हुआ कि सभी लोग सोमवार को एसएसपी से मिलने जाएंगे।
इसके बाद सभी वापस चले गए। इस मौके पर क्षत्रिय महासभा के प्रदेश महासचिव डॉ. राजेश सिंह चौहान, महेश्वरी क्रिएटिव क्लब के संरक्षक संजय महेश्वरी, जाट महासभा के जिलाध्यक्ष युवा अरविंद चौधरी, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा, एडवोकेट अनूप कौशिक, करणी सेना भारत के जिलाध्यक्ष तरुण चौहान, भारतीय किसान यूनियन के अशोक सिंह, महाराणा प्रताप संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉक्टर नरसिंह पाल सिंह, महानगर अध्यक्ष नेम सिंह सोलंकी, राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा के प्रदेश मंत्री सत्यकान्त भारद्वाज, अखंड भारत हिंदू सेना के संस्थापक दीपक शर्मा आजाद, युवा जिला अध्यक्ष विवेक चौहान, सौरभ तोमर, श्रीपाल चौहान, अरविंद चौधरी, दिगंबर चौधरी, योगेंद्र सिंह, किशनपाल चौहान, नरेंद्र तोमर, प्रमोद चौहान, सौरभ पंडित, पुष्पेंद्र यादव, जैकी ठाकुर, रविंद्र राणा आदि थे।
- यह पहली बार देखने में आ रहा है कि कोई डॉक्टर अपने साथ बाउंसर रखता है। इससे उसकी मंशा स्पष्ट झलकती है। अगर इस मामले में डॉक्टर का नर्सिंग होम लाइसेंस निरस्त होना, गिरफ्तारी होना, बाउंसरों के लाइसेंस निरस्त होने की कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन होगा। जिले भर से इस आंदोलन को समर्थन मिल रहा है। -विवेक चौहान, युवा जिलाध्यक्ष क्षत्रिय महासभा
-यह घटना दर्शाती है कि डॉक्टर तीमारदारों के प्रति कैसा व्यवहार रखते हैं। अगर उसने रुपये कम करने का अनुरोध किया था तो उसे बउंसरों से पिटवाने की क्या जरूरत थी। डॉक्टर के प्रतिष्ठान पर ऐसी नौबत क्यों आई। यह घटना बेहद निंदनीय है। इस घटना में कार्रवाई होनी चाहिए। -गौरव गोदानी, युवा नेता पश्चिमी व्यापार मंडल
हमने पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर और पब्लिक की समस्या को ध्यान में रखते हुए हड़ताल वापसी का फैसला लिया है। जांच पूरी होने का इंतजार करेंगे। इसके अलावा प्रदेश नेतृत्व से भी हमारी वार्ता चल रही है। -डॉ.भरत वार्ष्णेय, सचिव आईएमए
डॉक्टर प्रकरण में शनिवार को हुई वार्ता के बाद देर शाम कुछ नए तथ्य सामने आए हैं। उन्हें जांच में शामिल कराया गया है। अब जांच पूरी होने के बाद ही सही तथ्य सामने आएंगे और उसी अनुसार कार्रवाई होगी। यही बात आज भी डॉक्टरों से कही गई है। -पीयूष मोर्डिया, आईजी रेंज