पुलिस के संवेदनहीन चेहरे की हर कोई चर्चा करता है, लेकिन शनिवार को पुलिस का एक और चेहरा सामने आया। दुबे के पड़ाव के समीप बेहोश होकर गिरे बुजुर्ग रिक्शा चालक को देख वहां से गुजर रहे थाना प्रभारी ने न केवल अपनी जीप रुकवाई, बल्कि रिक्शा चालक को पास के तख्त पर लेटाकर होश में लाने की पुरजोर कोशिश की। नाकाम रहने पर एंबुलेंस के बजाय अपनी जीप में ही जिला अस्पताल लेकर गए, यहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
थाना गांधी पार्क इलाके में दुबे के पड़ाव पर एक रिक्शा चालक तीन सवारियों को बैठाकर ला रहा था। अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। वह सवारियों से आगे न जाने का आग्रह कर ही रहा था कि अचानक बेहोश होकर सड़क पर गिर गया। इधर लॉकडाउन का पालन कराते हुए इलाका थाना इंचार्ज मणिकांत शर्मा मय फोर्स के वहां से गुजर रहे थे।
उन्होंने रिक्शा चालक को इस हालत में देखा तो पास में ही मौजूद एक तख्त पर लिटाकर उसकी पंपिंग कर होश में लाने का काफी प्रयास किया। नाकाम होने पर एंबुलेंस का इंतजार न कर अपनी जीप में डालकर जिला अस्पताल के लिए रवाना हो गए। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मौके पर पहुंचे बुजुर्ग वैद्य श्यामसुंदर शर्मा ने भी कोशिश की। बाद में नब्ज आदि देख उन्होंने उसे मृत घोषित कर दिया। बुजुर्ग की पहचान 60 वर्षीय केदारी लाल निवासी पला सासनी गेट के रूप में हुई। परिवार के अनुसार वह कुछ दिन से बीमार भी थे।