डॉ. धर्मपाल सिंह सुबह भी अपने एक साथी के साथ टहलने के लिए घर से निकले थे। सुबह करीब साढ़े छह बजे नहर की पटरी पर टहलते हुए गांव से थोड़ी दूर पहुंचे थे, तभी उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। इस पर वह जमीन पर बैठ गए।
1 फरवरी की सुबह गांव भानेरा में माॅर्निंग वॉक के दौरान एक डॉक्टर को दिल का दौरा पड़ा। साथ मौजूद व्यक्ति ने खबर दी तो परिजन भागकर पास पहुंचे और उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें टूट गईं। उनकी मौत से पत्नी-बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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गांव भानेरा निवासी डॉ. धर्मपाल सिंह (52) पुत्र बट्टू सिंह प्रतिदिन सुबह सवेरे मॉर्निंग वॉक पर निकलते थे। 1 फरवरी की सुबह भी अपने एक साथी के साथ टहलने के लिए घर से निकले थे। सुबह करीब साढ़े छह बजे नहर की पटरी पर टहलते हुए गांव से थोड़ी दूर पहुंचे थे, तभी उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। इस पर वह जमीन पर बैठ गए। इस पर उनके साथी ने संभालने की कोशिश करते हुए कारण जानना चाहा तभी वह बेहोश हो गए।
इस पर साथ मौजूद व्यक्ति ने तत्काल परिजन को फोन कर खबर दी। परिजन भागकर पहुंचे और उन्हें आनन-फानन में अलीगढ़ शहर के एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत से पत्नी दीक्षा देवी, पुत्र देवेश और पुत्री यशिका का रो-रोकर बुरा हाल था। डॉ. धर्मपाल सिंह खैर में निजी अस्पताल संचालित करते थे। उनकी मौत से गांव में मातम छा गया।