मूल रूप से छर्रा के पुरैनी का डा.देवेंद्र उर्फ डॉक्टर डेथ पर अपने जिले में भी चार मुकदमे दर्ज हैं। जिनमें एक मुकदमा बरला का 1994 का, दूसरा 2004 में अतरौली में हत्या का, तीसरा 2014 में बरला में झूठी गवाही का व दो मुकदमे 2014 के छर्रा में कारोबारी पर हमला व रंगदारी से संबंधित हैं। इनमें से 2014 के छर्रा में कारोबारी पर हमले के मुकदमे का ट्रायल अपर सत्र न्यायालय में चल रहा है। यह मुकदमा 2017 में सेशन सुपुर्द हुआ। तब उसे जेल से पेशी पर लाया गया। इसके बाद मार्च 2020 से ट्रायल शुरू होकर गवाही में लंबित है। इसके बाद जेल में होने के कारण वह काफी समय तक पेशी पर नहीं आया।
इस वर्ष दो बार खुद लगाई हाजिरी
इधर, अब वर्ष 2025 में जनवरी, फरवरी व मार्च माह में उसने अधिवक्ता के जरिये न्यायालय में हाजिरी माफी की अर्जी लगवाई है। वहीं 22 अप्रैल व 14 मई को वह खुद अदालत में हाजिरी लगाकर गया है। इस घटना के एक सप्ताह बाद ही वह पकड़ा गया। अब न्यायालय में उसके विषय में दिल्ली तिहाड़ जेल में होने का उल्लेख है। अदालत ने उसे 17 जून को जेल से तलब किया है। वहीं इसका दूसरा साथी दीपक निवासी विष्णुपुरी हाथरस गेट हाथरस जमानत पर है। वह भी लगातार मुकदमे में हाजिर है।
निचली अदालत में भी अन्य मुकदमों को तलाश रही टीम
डा.देवेंद्र उर्फ डॉक्टर डेथ के खिलाफ एक मुकदमा सत्र न्यायालय में है। जिसके विषय में जानकारी मिल गई है। अब प्रयास है कि उसे जल्द तलब कराकर मुकदमे का निस्तारण कराया जाए। बाकी अन्य मुकदमों के विषय में निचली अदालत में लंबित होने व कुछ में सुलहनामा दाखिल होने की जानकारी मिल रही है। उनके विषय में अभियोजन टीम विवरण तलाशने में लगी है। उनका विवरण मिलने के आगे प्रक्रिया तय की जाएगी। एडीजीसी हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि यह मुकदमा गवाही में विचाराधीन है। जिसके तहत आरोपी को तलबी समन जारी किए गए हैं। 17 जून तारीख नियत है।