उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के नेता सुरेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि न्याय संगत मांगों को लेकर धरने पर बैठे संविदा कर्मियों के साथ 62 संगठन हैं। यह धरना उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर चल रहा है और अंतिम निर्णय भी लखनऊ से लिया जाएगा। सीएमओ ऑफिस में चल रहे इस धरने में करीब तीन सौ से अधिक डॉक्टर, नर्स, एएनएम, सीएचओ, बीपीएम, बीसीपीएम, बीएएम आदि शामिल हुए। संघ के अध्यक्ष डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि शनिवार को टीबी विभाग के करीब तीन सौ कर्मी भी धरना में शामिल हो रहे हैं।
कर्मचारी नेता सुरेंद्र सिंह चौधरी शुक्रवार को सीएमओ ऑफिस में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित धरने में शामिल हुए। उनके साथ राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संरक्षक उदयराज सिंह, यूपी बेसिक हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन के जितेंद्र सिंह एवं प्रभात कुमार, यूपी मेडिकल एवं पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के गजेंद्र सिंह आदि धरने को समर्थन देने पहुंचे। सुरेंद्र सिंह ने संविदा कर्मियों से कहा कि कोई भी सीएमओ आफिस में बात करने नहीं जाए, जिसको बात करनी है, धरना स्थल पर आकर बातचीत करे। संविदा कर्मियों की मांग शासन से संबंधित है। यहां के अधिकारी उसे पूरा भी नहीं कर सकते हैं। धरने में करीब तीन सौ से अधिक डॉक्टर, नर्स, एएनएम, सीएचओ, बीपीएम, बीसीपीएम, बीएएम आदि शामिल हुए। संघ के अध्यक्ष डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि शनिवार को टीबी विभाग के करीब तीन सौ कर्मी भी धरना में शामिल हो रहे हैं।
दो मिनट का मौन रखकर खुशबू को दी श्रद्धांजलि
धरना स्थल में दो मिनट का मौन रखकर महाराजगंज की एएनएम स्व. खुशबू यादव को श्रद्धांजलि दी गई। जिलाध्यक्ष डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि खुशबू यादव आगरा की रहने वाली थीं और महाराजगंज में तैनात थीं। वह रिक्त पद पर गैर जनपद स्थानांतरण की मांग कर रही थीं। डॉ. अजीत ने कहा कि मानसिक तनाव में खुशबू यादव ने आत्महत्या कर ली।
धरने में शामिल कर्मियों की लग रही हाजिरी
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के नेताओं द्वारा धरने में शामिल कर्मचारियों की हाजिरी बनाई जा रही है। नेताओं का कहना है कि जो लोग धरने में शामिल नहीं हो रहे हैं, उनके साथ भविष्य में कुछ होता है तो संघ उनके साथ नहीं है।
डराने-धमकाने और फूट डालने की कोशिश
संघ के नेताओं का कहना है कि संविदा कर्मियों को हड़ताल से हटाने के लिए डराने, धमकाने एवं फूट डालने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन ऐसे लोग अपने मकसद में कामयाब नहीं होंगे। जिलाध्यक्ष डॉ. अजीत सिंह ने कहा कि हमलोग शांतिपूर्ण तरीके से न्याय के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमलोग स्वयं किसी राजनीतिक दल से समर्थन मांगने नहीं जा रहे हैं। अगर कोई आकर समर्थन देता है तो कोई एतराज नहीं है।