मंगलवार को चंडौस कस्बे में बनी गोशाला में रखने के लिए करीब 50 गोवंश को घेरकर किसान चंडौस गोशाला लेकर पहुंचे लेकिन चंडौस प्रधान ने गोशाला के दरवाजे इन गोवंश के लिए नहीं खोला। इससे कस्बे की सड़कों पर इधर-उधर गोवंश भटकता रहा और खासा अफरातफरी वाला माहौल रहा। उधर पुलिस ने एक किसान को कस्बे में गोवंश छोड़ने पर हिरासत में ले लिया है।
आवारा गोवंश से कस्बे में हुजूम लगा रहा। बीच बाजार में गोवंश दौड़ते रहे। बताते हैं कि आसपास गांवों के किसान अपने यहां से आवारा गोवंश को घेरकर चंडौस की गोशाला में रखने के लिए लाए थे। यहां ग्राम प्रधान के पति धर्मवीर सिंह ने यह कहते हुए इन गोवंश को गोशाला में रखने से इंकार कर दिया कि पहले से 160 गोवंश गोशाला में मौजूद हैं। इन गोवंश की व्यवस्था ही बमुश्किल हो पा रही है। आसपास गांवों के किसान भी गोवंश इस गोशाला में लाएंगे तो समस्या अधिक हो जाएगी। उन्होंने लाए गए गोवंश को किसानों केस ाथ वापस कर दिया। उधर गोवंश को घेरकर लाने वाले एक किसान को पुलिस ने पकड़ लिया है। पुलिस के अनुसार किसान पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पशु चिकित्सकों ने किया घायल गाय का इलाज:
मंगलवार को पशु चिकित्सकों ने चंडौस गोशाला में घायल गाय का इलाज किया। गोशाला के गोवंश की पहचान के लिए उनके कानों में टाप्स भी डाले गए हैं। चंडौस गोशाला में एक गाय बीमार बनी हुई है। यहां पर आई गायों का बराबर इलाज कराया जा रहा है।
आवारा गोवंश से परेशान किसानों ने किया प्रदर्शन
गांव रामपुर-रसैनी में फसलों को नुकसान पहुंचा रही आवारा गायों से परेशान किसानों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि गोशाला संचालक रात के समय गोवंश को गोशाला से बाहर निकाल देते हैं। यह गोवंश रातों में फसल को चरकर नष्ट कर रहे हैं। उन्होंने गोशाला संचालक पर कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन करने वाले किसानों में प्रेम कुमार शर्मा, होरी सिंह, हरवेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र कुमार, अनिल कुमार, मुकेश कुमार, हरपाल सिंह, नीरेश कुमार, योगेश कुमार, राजू, राम सिंह, जयपाल सिंह शामिल रहे।