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टप्पल में न बन जाएं मंदसौर जैसे हालात

Sun, 11 Jun 2017 02:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
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 भाकियू की ओर से नकवी पार्क के बाहर धरना देते लोग। - फोटो : Amar Ujala
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मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसान आंदोलन के बाद भड़की हिंसा का असर यूपी के जिलों में भी होने लगा है। अलीगढ़ में भी तनाव बढ़ गया है। यहां पर यूपी-हरियाणा सीमा विवाद नहीं सुलझने और आलू किसानों को उचित मूल्य नहीं मिलने से किसानों का कलेजा धधक रहा है। कभी भी यहां बड़ा आंदोलन हो सकता है। खुफिया एजेसियों ने आला अफसरों को इसी तरह का इनपुट दिया है। इससे अधिकारियों में बेचैनी बढ़ गई है। 
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खुफिया एजेंसियों ने कहा है कि किसान संगठन तो धरना प्रदर्शन तक सीमित हैं, लेकिन विपक्षी राजनीतिक दल इस मुद्दे पर बड़ी सियासत करने की फिराक में हैं।  खैर तहसील के टप्पल ब्लाक के गांव ऊंटासानी, धारागढ़ी सहित कुछ अन्य गांवों की लगभग साढ़े नौ हजार बीघा जमीन वर्तमान में हरियाणा के किसानों के कब्जे में है।

इसी जमीन को जोतने को लेकर विवाद है। दशकों बाद भी यूपी हरियाणा सीमा पर खेतों की स्थायी सीमा तय नहीं हो पाई है। कभी सीमा तय भी हुई तो हरियाणा के किसान दबंगई दिखाते हुए यूपी के खेतों पर कब्जा जमा लेते हैं। इन गांवों में शनिवार को जबरदस्त तनाव रहा। 
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किसानों के कर्ज माफी के लिए मुखर हुए स्वर 
शनिवार को कांग्रेस की पूर्व प्रदेश महासचिव रूही जुबैरी एडवोकेट के नेतृत्व कार्यकर्ताओं ने एडीएम प्रशासन से मुलाकात कर किसानों एवं स्थानीय समस्याओं के संबंध में राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा कि भाजपा शासन में किसानों का उत्पीड़न हो रहा है। तमिलनाडु में किसान आत्महत्या को विवश हैं। मध्यप्रदेश के मंदसौर में किसानों को कर्ज माफी समेत अन्य मांगों पर गोली मिली। उत्तर प्रदेश में भी प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की कर्ज माफी की घोषणा हवाई साबित हुई है। ज्ञापन देने वालों में जियाउद्दीन राही, दीपक सिंह, सैयद मुवस्सिर अली, नासिर, जावेद, सागर सिंह तौमर, अरविंद कश्यप, आजाद अली आदि उपस्थित थे। उधर समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में किसानों के कर्जे माफ करने, स्वामी नाथन आयोग की सिफारिशेें लागू करने, कृषि ऋण सीमा बढ़ाने तथा मंदसौर में मारे गए किसानों को केंद्र सरकार की ओर से एक-एक करोड़ मुआवजा दिए जाने की मांग की। इस मौके पर यशवीर, सचिन, विक्रम, जीतू, मुंतजिम किदवई, मानेश यादव, कौशल आदि इस दौरान मौजूद रहे। 

किसी तरह से किसानों को समझाया है : शशि सिंह
टप्पल की पूर्व ब्लाक प्रमुख शशि सिंह ने कहा है कि यूपी हरियाणा सीमा विवाद से स्थानीय किसान खासे आक्रोशित हैं। कभी भी बड़ा आंदोलन हो सकता है। अभी किसानों को समझाया गया है। यूपी और हरियाणा में दोनों जगह भाजपा की सरकार है। दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच वार्ता जारी है। जल्द ही इस मामले को सुलझाया जाएगा। अलीगढ़ के किसानों की कुछ जमीन यमुना की लहर मुड़ने की वजह से हरियाणा में चली गई है। इसे वापस अलीगढ़ के किसानों को दिलवाया जाएगा। 

मंदसौर के किसानों के लिए इंसाफ की उठी आवाजें
मंदसौर किसानों के समर्थन में इंसाफ की मांग करते हुए भारतीय किसान यूनियन ने जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय प्रांगण में शनिवार को धरना प्रदर्शन किया। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल सिंह ने कहा कि अगर मंदसौर के किसानों पर गोली बरसाने वालों को जल्द ही जेल नहीं भेजा गया तो भाकियू 12 जून को गोंडा ब्लाक में प्रदर्शन करेगी। अलीगढ़ के किसानों का यूपी हरियाणा सीमा विवाद, आलू की उचित कीमत नहीं मिली तो यहां भी किसानों का धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। कहा कि किसानों से कई तरह के लुभावने वादे कर भाजपा यूपी में तीन चौथाई बहुमत से आई है, लेकिन किसानों का कर्जा माफ करने की नीति स्पष्ट नहीं है। आलू खरीद, फसलों का उचित मूल्य जैसे वादे अधूरे हैं। धरने में प्रेमपाल सिंह चौहान, प्रदेश सचिव रामबाबू चौहान, चौ. हरेंद्र सिंह, जवाहरलाल, राजपाल सिंह, हीरा सिंह, सतीश लोधी, राजेंद्र सिंह, रतन सिंह, हरदयाल सिंह, मोहनलाल शर्मा ने संबोधित किया। 
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