गर्मी बढ़ने के साथ इस बार मौसम आम के बेहतर उत्पादन के अनुकूल है। फरवरी में ही शुरू हुई गर्मी के प्रभाव से आम के पेड़ों पर अच्छा बौर आने का अनुमान है। जिन पेड़ों पर बौर नहीं आया है, उनके बागवानों को मौसम विज्ञानी छिड़काव का सुझाव दे रहे हैं।
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कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी डॉ. राम पलट सिंह के अनुसार फरवरी के पहले सप्ताह से आम के पेड़ों पर बौर आने लगता है, जो 15 मार्च तक पूर्ण रूप से आ जाता है। कुछ पेड़ों पर बौर अच्छी तरह से आ चुका है। जिन पेड़ों पर बौर नहीं आया है, उसके लिए जल्द से जल्द सल्फर पाउडर दो ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
उन्होंने कहा कि आम के बागों की सिंचाई करने से इस समय किसान पूरी तरह से बचें, क्योंकि अभी पेड़ों को जितनी गर्मी मिलेगी, उतना ही अच्छा बौर आएगा। उन्होंने बताया कि आम में भुनगा कीट पैदा हो रहा है जो कोमल पत्ती का रस चूसता है। छोटे फलों को नुकसान पहुंचाता है। इसके उपचार लिए नीम का तेल पानी मे डालकर छिड़काव करें।