अलीगढ़ के गोंडा से लापता किशोरी के सात वर्ष बाद युवती के रूप में जिंदा मिलने के बाद बुधवार को डीएनए जांच की प्रक्रिया पूरी हुई। युवती के साथ-साथ उसके मां-बाप के नमूने भी लिए गए। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में इसकी प्रक्रिया पूरी हुई। नमूनों को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा भेजा जाएगा। इधर, पुलिस अन्य पहलुओं पर जांच में जुटी है, ताकि पूरा सच सामने लाया जा सके। इस युवती की हत्या के आरोप में गांव का ही एक युवक जेल में बंद है। युवती के जिंदा मिलने के बाद से युवक और उसके परिजनों को बड़ी राहत की उम्मीद बंधी है।
बुधवार को लिए गए डीएनए नमूनों की जांच रिपोर्ट एक माह के अंदर आने के संकेत हैं। अदालत के आदेश के अनुसार सभी तरह के नमूने लिए गए हैं। पुलिस इस मामले में यह जानने का प्रयास कर रही है कि आखिर विष्णु ने उसकी हत्या क्यों स्वीकारी थी। दूसरी ओर यह भी जानने का प्रयास किया जा रहा है कि परिवार डेढ़ माह तक इस तथ्य को क्यों छिपाए रहा। साथ में युवती द्वारा अदालत में विष्णु को क्यों क्लीनचिट दी गई है। जो लाश एत्मादपुर में मिली थी, वह किसकी थी। इसके लिए सभी के नए सिरे से बयान आदि लेने की प्रक्रिया हो सकती है। सीओ इगलास राघवेंद्र सिंह बताते हैं कि डीएनए नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। बाकी तथ्यों की जांच जारी है।
पिछले दिनों किशोरी की हत्या में जेल गए विष्णु की मां ने एसएसपी से यह शिकायत की थी कि उनका बेटा निर्दोष है, उसे इस घटना में फंसाया गया है। वह लड़की जीवित है, जिसकी हत्या का आरोप लगाया गया है। इसी शिकायत पर एसएसपी के निर्देश पर गोंडा पुलिस ने जांच करते हुए अब युवती बनी इस किशोरी को हाथरस गेट क्षेत्र के नगला चोखा से बरामद किया। जहां वह अपने पति व दो बच्चों संग रह रही थी।