पिता की मृत्यु के बाद सेवानिवृत्ति लाभ की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट के सामने डीएम की ओर से जारी उत्तराधिकार प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया गया। इस पर कहा कि डीएम को उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार नहीं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि डीएम को उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी करने का कोई अधिकार नहीं है। सिविल कोर्ट में उत्तराधिकार को प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने की स्वतंत्रता देते हुए न्यायालय ने याचिका खारिज कर दी। यह आदेश जेजे मुनीर ने करण कुमार की याचिका पर दिया।
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अलीगढ़ निवासी याची के पिता हरदुआगंज थर्मल पावर स्टेशन में कार्यरत थे। पिता की मृत्यु के बाद सेवानिवृत्ति लाभ की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। जबकि, उसकी एक सौतेली मां भी है। कोर्ट के सामने डीएम की ओर से जारी उत्तराधिकार प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया गया। इस पर कहा कि डीएम को उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार नहीं। याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने रजिस्ट्रार अनुपालन को निर्देश दिया कि आदेश की कॉपी अलीगढ़ के डीएम को प्रेषित की जाए।