हमदर्द नगर में एक युवक ने मायके से लौटी पत्नी को तीन तलाक कहकर घर से निकाल दिया। हंगामा होने पर पुलिस और हिंदू संगठन के लोग आ गए। हिंदू संगठनों ने महिला का पक्ष लिया, तो उनकी पुलिस से झड़प हो गई। महिला ने ससुराल की चौखट पर ही दम तोड़ने की चेतावनी दी। देर रात तक थाने में दोनों पक्षों के बीच समझौते की बात चल रही थी।
बुलंदशहर के सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव अंधो पंचावली निवासी सगीर अहमद की बेटी रेहाना का निकाह साल 2012 में सिविल लाइंस के हमदर्द नगर निवासी मो. शरीफ के साथ हुआ था। निकाह के डेढ़ वर्ष बाद बेटी किंजा का जन्म हुआ। रेहाना का आरोप है कि निकाह के कुछ समय बाद ही ससुराल वालों ने दहेज के रूप में एक लाख रुपये की मांग की।
किसी तरह ससुरालियों को एक लाख रुपये दे दिए गए। इसके बाद 10 लाख रुपये की मांग कर दी गई। यह मांग पूरी न होने पर ससुराल में उत्पीड़न शुरू हो गया। डेढ़ साल पहले वह मायके आई थी। मायके से लौटी, तो ससुरालियों ने घर में घुसने नहीं दिया और कहा कि तेरा शौहर अब यहां नहीं रहता। इसी तरह कई बार वह आई, लेकिन घर में घुसने नहीं दिया गया।
मंगलवार दोपहर वह ससुराल पहुंची, तो शरीफ घर पर ही था। रेहाना ने बताया कि घर में घुसते ही पति ने उसे तीन बार तलाक कहा और धकियाकर बाहर निकाल दिया। इसके बाद वह दरवाजे पर ही बैठ गई। घंटों दरवाजा पीटती रही, लेकिन नहीं खुला। सूचना पर जमालपुर चौकी इंचार्ज और धर्म जागरण मंच के संयोजक सौरभ चौधरी आदि पहुंच गए। उन्होंने रेहाना का पक्ष लेते हुए तीन तलाक का विरोध किया।
पति का पक्ष लेने पर दरोगा की हिंदूवादियों से नोकझोंक हो गई। हंगामा होने पर इंस्पेक्टर सिविल लाइंस मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को थाने ले गए। देर रात तक समझौते के प्रयास चल रहे थे। युवक पक्ष रेहाना को रखने को तैयार नहीं था।
वहीं रेहाना ने कहा कि वह इस तलाक को नहीं मानती। अगर घर में नहीं आने दिया, तो वह दरवाजे पर ही दम तोड़ देगी। इस दौरान वतन भारद्वाज, हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष ऋषिपाल सिंह, प्रदेश मंत्री संजू बजाज, प्रवीन पंडित, मुकीम, नईम, सकीना, अमरीश, नसीम मलिक, अफसाना, गौरव, अमित, ललित, कमरू खां, शहनवाज खां, सुमित आदि मौजूद रहे।