उड़ान योजना के तहत धनीपुर हवाई पट्टी को विकसित करने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। बृहस्पतिवार को यहां पहुंची उड्डयन विभाग की टीम ने टर्मिनल बिल्डिंग, रनवे, निकास-प्रवेश, वॉच टावर आदि का मुआयना किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था के लिए जवानों की जरूरत के हिसाब से सूची तैयार की। तय किया कि शुरुआत में जिला पुलिस ही मिनी एयरपोर्ट की सुरक्षा में तैनात रहेगी। भविष्य में किसी अन्य एजेंसी को तैनात किया जा सकता है। प्रस्ताव के मुताबिक, यहां क्यूआरटी, सर्विलांस, वॉच टावर के जरिये सुरक्षा की जाएगी।
ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी के जेडी चंद्रभान राम के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम धनीपुर हवाई पट्टी पहुंची। उन्होंने सीओ अतरौली प्रशांत कुमार व सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार सिंह के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से जायजा लिया। इसके बाद चंद्रभान राम ने प्रस्ताव रखा कि शुरुआत में मिनी एयरपोर्ट की सुरक्षा जिला पुलिस संभालेगी। पांच वॉच टावर के लिए पुलिस के 15 जवानों की जरूरत होगी, 12 जवानों की क्यूआरटी की तैनाती होगी, एक असलाह और गार्ड रूम रहेगा, जिसमें पांच जवानों की तैनाती, सर्विलांस कंट्रोल रूम में 6 जवानों की तैनाती (सीसीटीवी व अन्य गतिविधियों की निगरानी के लिए) व अन्य सुरक्षा व्यवस्था जैसे प्रवेश, निकास द्वार, लगेज एक्सरे मशीन, रनवे की सुरक्षा के लिहाज से तकरीबन 54 जवानों की जरूरत होगी। जिला पुलिस व प्रशासन के साथ ही नागरिक उड्डयन विभाग के सामने इस प्रस्ताव को रखा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे निर्धारित किया जाएगा।
20 सीसीटीवी कैमरे लगेंगे
जेडी चंद्रभान राम ने बताया कि मिनी एयरपोर्ट पर 20 कैमरे लगेंगे। इनकी मॉनिटरिंग के लिए टर्मिनल बिल्डिंग में एक अलग कक्ष रहेगा। हर गतिविधि पर निगाह रखी जाएगी।
ये अधिकारी रहे मौजूद
टीम में एएआई के ऑफिसर इंचार्ज एसएस अग्रवाल, मैनेजर मनीष कुमार, कुलवंत सिंह, महेश चंद्र, अनूप कुमार पांडेय, नागरिक उड्डयन के कर्मचारी संजीव सक्सेना, राजकीय निर्माण निगम से एई नरेंद्र दिनकर, जेई अभिमन्यु आदि मौजूद रहे।