- 2020-21 के लिए 384.77 करोड़ की जिला योजना अनुमोदित
- खेल, युवा कल्याण, सड़क, नहर, सोलर लाइट,
जल संरक्षण, शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर
- जिला योजना वित्तीय वर्ष 2019-20
- 346 करोड़ रुपये की योजना मंजूर की गई। जनवरी 2020 तक 212 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। 134 करोड़ रुपये मिलने बाकी। फरवरी और मार्च 2020 तक राशि मिलने की उम्मीद।
कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा की अध्यक्षता में जिला योजना समिति की बैठक हुई। जिसमें वर्ष 2020-21 के लिए 384.77 करोड़ की जिला योजना को मंजूर कर दिया गया। गौर हो कि एक दिन पहले सोमवार को जिला योजना से संबंधित पहली बैठक जिला पंचायत भवन में हुई थी, जिसमें 610 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तावित की गई थी लेकिन प्रभारी मंत्री ने इसमें 226 करोड़ रुपये की बड़ी कटौती करा कर इसको 384.77 करोड़ करा दिया है। 24 घंटे में ही योजना में बड़ी कटौती हो गई है। बहरहाल, समिति में पास होने के बाद अब नये वित्त वर्ष 2020-21 में पहली अप्रैल से इसके अनुसार बजट मिलना शुरू होगा। अभी पुरानी योजना के अनुसार ही खर्च और अन्य विकास कार्य जारी रहेंगे।
बहरहाल, 384.77 करोड़ रुपये की योजना में से 95.032 करोड़ स्पेशल कंपोनेंट प्लान में रखा गया है, जिसमें तुरंत आवश्यकता अनुसार खर्च हो सकेगा। मसलन किसी आपात स्थिति में या कहीं बहुत बड़ी जरूरत होने पर। इस बार खेल, युवा कल्याण, सड़क, नहर, सोलर लाइट, जल संरक्षण, गांव के विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य पर अधिक खर्च होगा। इस बार की योजना पिछले वर्ष की तुलना में 38 करोड़ यानी 11 प्रतिशत अधिक है। पिछले साल की जिला योजना लगभग 346 करोड़ रुपये की थी। जिसमें दिसंबर तक लगभग 212 करोड़ रुपये के करीब मिल चुके हैं, अभी कुछ राशि मिलनी बाकी है।
खैर, 2020-21 की जिला योजना के तहत ग्रामीण स्वच्छता पर 70.80 करोड़ रुपये, रोजगार पर 48.54 करोड़, निजी लघु सिंचाई को 26 करोड़, पेयजल के लिए 3.30 करोड़, अल्पसंख्यक कल्याण को एक करोड़, अनुसूचित जाति कल्याण को 28.9 करोड़, पर्यटन के लिए 13 करोड़, गन्ना विकास विभाग को 21.16 लाख, सड़क एवं पुुल को 13.31 करोड़ प्रस्तावित किया गया है। इसी प्रकार अन्य विभागों को भी करोड़ों रुपये अनुमोदित किए गए हैं।
सीडीओ अनुनय झा ने विभागवार प्रस्तावित खर्च को समझाया। बैठक में विभागवार खर्च पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच चर्चा हुई। जिला पंचायत सदस्यों ने भी अपने मत रखे। प्रभारी मंत्री ने बताया कि 85 प्रतिशत धनराशि जनपद के विकास कार्यों के लिए प्रस्तावित की गई है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी जनहित में कार्य करें। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने प्रभारी मंत्री को शासन की मंशा के अनुरूप कार्य कराने तथा कार्य संस्कृ ति बनाए रखने का भरोसा दिलाया। इस दौरान एसएसपी आकाश कुलहरि, जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह ‘नीट’, विधायक संजीव राजा, अनिल पाराशर, राजकुमार सहयोगी, अनूप प्रधान, ठा.रवेंद्रपाल सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष चौ ऋ षिपाल सिंह, बरौली विधायक प्रतिनिधि ठा. विजय सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
जिला पंचायत सदस्यों ने की मांग
बैठक में मौजूद जिला पंचायत सदस्यों ने मांग उठाई की सरकार सांसदों को सोलर लाइट पर 70 फीसदी और विधायकों को 25 फीसदी का अनुदान देती है तो जिला पंचायत सदस्यों को भी यह मिलना चाहिए।
महत्वपूर्ण बिंदु
-जल संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए जनप्रतिनिधियों को विशेष रुचि लेने के निर्देश।
-सभी सीएचसी, पीएचसी पर चिकित्सक की तैनाती सुनिश्चित की जाए। हर रविवार को वहां स्वास्थ्य मेलों का आयोजन हो।
-वृद्धा, निराश्रित तथा दिव्यांगजन पेंशन के लिए ब्लॉक स्तर पर शिविर आयोजित किए जाने के निर्देश दिए।
-अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए छात्रावासों की बदहाली को दुरुस्त करने के निर्देश।
-शहर के बड़े कारोबारियों सहित सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को एक-एक विद्यालय गोद देने के निर्देश।
-माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित रोजगार पारक कक्षाओं का जनप्रतिनिधियों को दौरा करने के निर्देश।
शिकायतों की झड़ी
-धौरऊ मोड़ पर रेलवे पुल का काम लेटलतीफी से होने की शिकायत जिला पंचायत अध्यक्ष ने की।
-सिंचाई विभाग द्वारा नहरों के किनारे बनाई पटरी उखड़ने, सड़कें उखड़ने की शिकायत विधायक अनिल पाराशर ने की।
-अलीगढ़-पलवल हाईवे सड़क का कार्य धीमी गति से और खराब गुणवत्ता की शिकायत विधायक अनूप प्रधान ने की।
खैर-टप्पल हाईवे की खराब गुणवत्ता की शिकायत, नोटिस
अलीगढ़। खैर-टप्पल मार्ग में खराब गुणवत्ता का मैटेरियल इस्तेमाल करने की शिकायत अनिल पाराशर और अनूप प्रधान ने की। उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग की ओर से इस कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। इस पर प्रभारी मंत्री ने ठेकेदार को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। वहीं, सीडीओ ने बताया कि ठेकेदार की कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया की जा रही है।
संजू से लेकर रघुराज सिंह के सवालों पर चुप्पी
अलीगढ़। जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा से बैठक के बाद पत्रकारों की ओर से सवाल किए गए। मगर, प्रभारी मंत्री संजू बजाज के प्रकरण से लेकर महानगर कमेटी की ओर से जारी कथित काले झंडे दिखाने के ऑडियो के सवाल पर मामले की जानकारी न होने की बात कहकर कन्नी काट गए। उन्होंने रघुराज सिंह के बयानों को लेकर भी कोई टिप्पणी न करते हुए सिर्फ इतना ही कहा कि मोदी-योगी जाति और धर्म से ऊपर उठकर विकास कार्य कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने एएमयू छात्रों को लेकर जरूर कहा कि उन्हें गुमराह होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि प्रदर्शन के लिए राष्ट्रविरोधी ताकतों द्वारा फंडिंग करने की बातें सामने आ रही हैं। इन सभी की जांच की जा रही है। साथ ही शरजील इमाम को लेकर कहा कि अगर कोई छात्र या अन्य व्यक्ति शरजील का समर्थन करता है तो बेहद की चिंता की बात है।