महानगर में इलाके के विवाद को किन्नरों के दो समुदाय के गुटों में शुरू हुआ विवाद थमा नहीं है। बुधवार को यह विवाद फिर पुलिस के सामने पहुंचा। पहले एक गुट के किन्नर एसएसपी के यहां पहुंचे, जहां से उन्हें दोनों पक्षों की वार्ता के लिए बन्नादेवी थाने बुलाया गया। वहां देर शाम कई घंटे हंगामेदार बैठक चली, मगर दोनों पक्षों की जिद के चलते वार्ता विफल रही। हां, यह जरूर तय हुआ कि अब अपनी बिरादरी के बीच बैठकर हल निकालने का दोनों पक्ष करेंगे। साथ ही पुलिस स्तर से इन्हें सीधी चेतावनी दी गई है कि वह अपना विवाद निपटाने तक कानून व्यवस्था नहीं तोड़ेंगे। झगड़ा नहीं करेंगे। अगर ऐसा हुआ तो पुलिस सीधे जेल भेजने से नहीं हिचकेगी।
हुआ यूं कि सुबह शाहजमाल की आरती अपने पक्ष के किन्नरों के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंची। जहां अपनी बात रखते हुए नाराजगी जताई। इस पर एसएसपी ने पहले उन्हें सख्त लहजे में झगड़ा न करने के लिए हिदायत दी। साथ में दोनों पक्षों की बैठक तय कराई। इस पर सीओ प्रथम, सीओ तृतीय व एसीएम की मौजूदगी में बन्नादेवी थाने में शाम को बैठक हुई, जिसमें दोनों पक्षों के किन्नर मौजूद रहे। इनमें एक पक्ष से आरती व दूसरी ओर से नई बस्ती का शिवम अपने साथियों संग मौजूद रहे। इस दौरान आरती ने बताया कि उनके गुरु कल्लू किन्नर द्वारा उन्हें थाना सिविल लाइन थाना, थाना गांधी पार्क में नेग वसूली का अधिकार दिया। इसकी लिखा-पढ़त 1/11/1962 को हुई, मगर 2020 में चबन्नी ग्रुप ने जबरन यहां वसूली शुरू कर दी। इसी पर विवाद शुरू हुआ। बाद में उन्हें एटा बाईपास रोड, एटा चुंगी से धनीपुर वाली पट्टी, पनैठी से जलाली रोड, सिहोर बंबे तक बाईं ओर की पट्टी दे दी गई, मगर, चवन्नी की नीयत नहीं बदली।
शिवम ने बताया कि लगभग 50 साल से पंचायती कागजों में उनके नाम पर आवंटित है। विपक्षी गुट के किन्नर सिविल लाइन, क्वार्सी और गांधी पार्क इलाके में जबरन वसूली करते हैं। इस दौरान दोनों पक्ष अपनी जिद पर अड़े रहे और हंगामा हुआ। बाद में वार्ता विफल होने पर उन्हें चेतावनी देकर वहां से भेज दिया गया। सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के अनुसार अभी कोई हल नहीं निकला है, मगर किसी तरह से कानून नहीं बिगड़ने दिया जाएगा।