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GST: कच्चे और तैयार माल पर अलग-अलग जीएसटी दर, बढ़ेगी व्यापारियों की परेशानी

Fri, 05 Sep 2025 10:51 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

जीएसटी स्लैब में बदलाव से पहले अलीगढ़ के व्यापारी संगठनों ने जीएसटी काउंसिल को ईमेल के ज़रिये अपने सुझाव भेजे थे। उन्होंने मांग की थी कि कच्चे माल और तैयार माल को एक ही जीएसटी स्लैब में रखा जाए ताकि कारोबारियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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जीएसटी दरों को लेकर बैठक करते ब्रज औद्योगिक व्यापार मण्डल के पदाधिकारी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कच्चे माल पर ज्यादा और तैयार माल पर कम जीएसटी दर होने से अलीगढ़ के कारोबारी परेशान हैं। दो अलग-अलग स्लैब लागू होने के बाद, इनवर्टेड गुड्स कैटेगरी में आने वाले उत्पादों पर जीएसटी दर का अंतर बढ़ गया है। इससे कारोबारी चिंतित हैं। 

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कारोबारियों की मुख्य चिंता इस बात को लेकर है कि उन्हें बढ़ी हुई जीएसटी दर का भुगतान तो तुरंत करना होगा जबकि इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम करने और उसे वापस पाने की प्रक्रिया में लंबा समय लगेगा। इस वजह से उनका पैसा फंस जाएगा। इसी तरह साइकिल लॉक पांच फीसदी की स्लैब में है जबकि अन्य ताले स्कूटर लॉक आदि 18 फीसदी की स्लैब में। इससे अलीगढ़ जिले के 5,000 से ज्यादा ताला और मूर्ति कारोबारी प्रभावित हो रहे हैं।

जीएसटी स्लैब में बदलाव से पहले अलीगढ़ के व्यापारी संगठनों ने जीएसटी काउंसिल को ईमेल के ज़रिये अपने सुझाव भेजे थे। उन्होंने मांग की थी कि कच्चे माल और तैयार माल को एक ही जीएसटी स्लैब में रखा जाए ताकि कारोबारियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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निर्यातकों को प्रदेश सरकार ने दी सब्सिडी, बाजार में मुकाबला होगा आसान
अमेरिका की टैरिफ कूटनीति से प्रभावित हुए अलीगढ़ के निर्यात कारोबारियों को प्रदेश सरकार की ओर से राहत मिली है। सरकार ने इस नीति के तहत 882 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने का प्रावधान किया है। इससे अलीगढ़ के 200 निर्यात कारोबारियों को भी लाभ होगा। सब्सिडी की मांग निर्यातकों ने उठाई भी थी। अलीगढ़ एक्सपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अशुतोष वार्ष्णेय कहते हैं कि भारतीय उत्पादों पर 50 फीसदी टैरिफ लगाए जाने से अमेरिकी बाजार में ये डेढ़ गुना महंगे हो गए हैं। इससे भारतीय उद्यमियों के लिए वहां के बाजार में मुकाबला करना और भी मुश्किल हो गया है।

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लघु उद्योग भारती ने सुधार का किया स्वागत 

लघु उद्योग भारती ने जीएसटी स्लैब में बदलाव का स्वागत किया है। संगठन के संयुक्त महामंत्री गौरव मित्तल ने कहा कि यह कर चोरी को कम करने और व्यावसायिक राजस्व हानि रोकने के लिए उठाया गया कदम है। 

जीएसटी दरों में सुधार का स्वागत किया
जीएसटी एडवोकेट ग्रुप ऑफ लीजेंड के संरक्षक, गिर्राज किशोर गुप्ता एडवोकेट ने जीएसटी की दरों में सुधार के कदम की सराहना करते हुए कहा कि इससे रोजमर्रा की खाने-पीने की चीजें सस्ती होंगी। उन्होंने इसे एक अच्छा कदम बताया। फैसले का स्वागत करने वालों में एमपी भारद्वाज, अरुण माथुर, अजय शर्मा, मुकेश सक्सेना, राजमुकुट वार्ष्णेय,आरके गुप्ता, प्रमोद जलाली, मनीष गुप्ता आदि मौजूद रहे।
दूध, पनीर, मक्खन, दाल आधारित खाद्य वस्तुएं, दवाइयां और मेडिकल किट पर जीएसटी घटाकर 5 फीसदी या शून्य कर दिया गया। जीवन रक्षक दवाओं, डायग्नोस्टिक किट और ऑक्सीजन उपकरण को पूरी तरह करमुक्त किया गया। इससे मरीजों को और उनके परिवार वालों को बहुत लाभ होगा। - रामबाबू सिंह, सीए।
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