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Aligarh News: नागरिकता के आंकड़ों में अंतर, प्रदेश के पांच जिलों से पूछा कारण

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नागरिकता का इंतजार कर रहे विदेशी अल्पसंख्यकों की फाइलों में लापरवाही पर प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। आंकड़ों में अंतर मिलने के चलते अलीगढ़, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, रायबरेली और प्रयागराज से रिपोर्ट तलब की है।
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पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए लोगों के नागरिकता आवेदन (सीएए और गैर सीएए) को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास लंबित आवेदनों की संख्या और संबंधित जिलों से भेजी गई रिपोर्ट में बड़ा अंतर मिला है। इस पर गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखा है।

उदाहरण के तौर पर अलीगढ़ जिले में 16 मामले हैं, जिन पर राज्य स्तर से फैसला होना है, लेकिन जिले ने सिर्फ 13 की जानकारी दी। इसी तरह, केंद्र के पास अलीगढ़ के 50 मामले लंबित हैं, लेकिन जिला प्रशासन ने सिर्फ 10 की ही सूचना शासन को भेजी। बाकी 40 फाइलें कहां दबी हैं, अब इसी पर सवाल उठ रहे हैं।
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गृह विभाग के उप सचिव ओम प्रकाश चौहान ने सख्त लहजे में अलीगढ़ सहित पांचों जिला प्रशासन को पत्र लिखते हुए कहा है कि केंद्रीय सूची और संबंधित जिलों के आंकड़े एक समान क्यों नहीं हैं? एक-एक पेंडिंग फाइल की सही रिपोर्ट तत्काल शासन को भेजी जाए।

नागरिकता पोर्टल पर जो भी दस्तावेज अधूरे हैं, उन्हें तुरंत अपलोड कर आवेदनों को आगे बढ़ाना होगा। आंकड़ों को छिपाने या स्पष्ट जानकारी न देने पर नाराजगी जताई गई है। इसी तरह कानपुर नगर में यह स्पष्ट नहीं है कि कौन सा मामला नए कानून (सीएए) के तहत है और कौन सा पुराने नियम के तहत है। प्रदेश के गृह विभाग के निर्देश मिलने पर अलीगढ़ कलेक्ट्रेट के संबंधित विभागों में फाइलों को खंगालने और उन्हें दुरुस्त करने का काम शुरू हो गया है।



. वर्तमान में जिला स्तर पर 46 आवेदन लंबित हैं, जिसमें सभी समुदायों के व्यक्ति शामिल हैं। लंबित 46 आवेदनों के संबंध में संबंधित क्षेत्राधिकारियों, थाना प्रभारियों को आवश्यक अभिलेखों का संकलन कर आख्या निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है। -किंशुक श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी नगर
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