ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे के लिए भूमि अधिग्रहण हो रहा है। इसमें खैर के 31 गांवों की जमीन ली जा रही है। इससे प्रभावित किसानों ने भूमि अधिग्रहण किसान संगठन समिति के तत्वाधान में मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
जट्टारी के निकटवर्ती गांव उसरह स्थित मधुबन फैमिली होटल पर हवन के साथ धरने की शुरुआत हुई। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ से वार्ता करने के लिए किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल लखनऊ रवाना हुआ।
धरने में पहुंचे किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकट ने किसानों में जोश भरा। धरने की अध्यक्षता सोबरन सिंह नांगल खुर्द और संचालन डॉ. सत्यपाल सिंह ने किया। किसानों ने बताया कि उनकी एक ही मांग है-एक प्रोजेक्ट-एक रेट। 13 वर्ष पुराना सर्किल रेट बढ़ाया जाए। किसानों ने खैर कानूनगो, सांसद सतीश गौतम सहित अन्य को ज्ञापन सौंपा।
धरने में निर्णय लिया गया कि सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए किसानों के एक प्रतिनिधि मंडल को लखनऊ भेजा जाए। इसके बाद 31 गांव के किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल लखनऊ के लिए रवाना हो गया।
इसमें गौरीशंकर शर्मा खंडेहा, कुशलपाल मास्टर, रणधीर प्रधान बाजौता, सोनवीर सिंह बुलाकीपुर, ओमपाल सिंह उसरह, चौ. सुधीरपाल सिंह ग्राम प्रधान उसरह, चौ. नरेंद्र सिंह उर्फ बंटी, कुलदीप सिंह भोली उसरह एवं ओंकार सिंह उर्फ पिंटू प्रधान जलालपुर शामिल थे। इस मौके पर डॉ रमेश अत्री, कुलदीप सिंह भोली, राजपाल सिंह, सत्यवीर सिंह, रोबिन चौधरी, नरेंद्र सिंह बंटी, फतेह सिंह, मास्टर कुशलपाल सिंह, मास्टर गौरी शंकर, सुधीरपाल सिंह मौजूद रहे।
इन गांवों के किसान हो रहे प्रभावित
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे खैर तहसील के अर्राना, चौधाना, जट्टारी को बाईपास करते हुए टप्पल से होते हुए पलवल से जुड़ेगा। इस रास्ते पर गांव अर्राना, जरारा, लक्ष्मणगढ़ी, उदयगढ़ी, गणेशपुर, बांकनेर, रेसरी, राजपुर, बुलाकीपुर, जलालपुर, उसरह रसूलपुर, नागर खुर्द, फाजिलपुर, सोतीपुरा, खंडेहा, कुराना, स्यारौल, टप्पल, डोरपुरी आदि 31 गांव की जमीन अधिग्रहित की जा रही है।