धान की अत्यधिक आवक से गाजियाबाद के पास की जहांगीराबाद एवं नरेला मंडी समेत आसपास की मंडियां बंद होने के बाद बुधवार को धनीपुर मंडी भी बंद हो गई। माल के अत्यधिक आवक, आढ़तियों के गोदाम फुल होने एवं लोडिंग अनलोडिंग के लिए गाड़ियां कम पड़ने के चलते मंडी प्रशासन एवं आढ़तियों ने सुबह मंडी बंद करने की घोषणा कर दी।
धान की अत्यधिक आवक ने कृषि मंडियों की हालत पतली कर दी है। गाजियाबाद के आसपास की जहांगीराबाद एवं नरैला मंडी पिछले कई दिनों से बंद हैं। खैर मंडी भी मंगलवार को खुली थी। इन बड़ी बड़ी मंडियों के बंद रहने से सारा भार धनीपुर मंडी पर पड़ रहा था।
इसके चलते सोमवार को किसान धनीपुर मंडी पर टूट पड़े थे। इसके चलते वहां जाम के हालात उत्पन्न हो गए। जीटी रोड पनेठी तक नौ घंटे तक जाम रहा। अत्यधिक माल की आवक के चलते आढ़तियों ने धान के रेट गिरा दिए थे। मंगलवार को धान की विभिन्न जिंसों के रेटों में 25-30 रुपये का इजाफा हुआ। लेकिन आवक की रफ्तार बरकरार रही।
इस दौरान आढ़तियों की कम माल लाने की अपीलें भी काम नहीं आई। इसके चलते मंडी में माल का अंबार लग गया। आढ़तियों के गोदाम ही नहीं मंडी चबूतरों पर भी तिल रखने की जगह नहीं बची। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंडी में लोडिंग अनलोडिंग के लिए वाहनों का टोटा पड़ गया।
गल्ला व्यापारी समिति के अध्यक्ष सुरेश लोधी ने बताया कि इन सभी कारणों से बुधवार की सुबह मंडी बंद रखने की घोषणा कर दी गई है। अब गुरुवार आज मंडी खुलेगी। उन्होंने किसानों से कम मात्रा में माल लाने की अपील की है।