प्रदेश पुलिस इंप्रेसिव पुलिसिंग की दिशा में नित नए प्रयोग कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश भर के जिलों में डीजी स्तर के अधिकारी को जिले का नोडल अफसर बनाकर भेजा जा रहा है। जिसके तहत अपने जिले के प्रभारी नोडल अफसर डीजी ईओडब्ल्यू राजेंद्र प्रसाद सिंह मंगलवार को यहां पहुंचे और पुराने शहर में पब्लिक के बीच पैदल गश्त कर लोगों से हाल-चाल जाना। नोडल अफसर का पहला दिन समीक्षा, निरीक्षण में बीता। बुधवार को वह सर्किट हाउस में ही जनप्रतिनिधियों और जनता से मुलाकात कर समस्याएं सुनेंगे।
सुबह जिले के निरीक्षण के लिए सर्किट हाउस पहुंचे डीजी आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा राजेंद्र प्रसाद सिंह ने जिले के पुलिस अधिकारियों संग बैठक कर अपराध, कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए घटना होने पर तत्काल उसके खुलासे पर फोकस रखने पर जोर दिया। साफ कहा कि घटना होने के साथ पुलिस अगर उसके खुलासे पर जोर देती है तो पब्लिक में विश्वास बढ़ता है। वहीं उन्होंने बेहतर कानून व्यवस्था के लिए कम्युनिटी पुलिसिंग पर जोर दिया। उनका कहना था कि हम जनता के बीच ज्यादा से ज्यादा रहेंगे। उनकी बात सुनेंगे तो कभी कानून व्यवस्था की समस्या सामने नहीं आएगी। इसके बाद दोपहर में उन्होंने अभियोजन संबंधी मसलों की बैठक ली, जिसमें डीएम चंद्रभूषण सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने गवाह सुरक्षा योजना पर विशेष बल देते हुए कहा कि योजना का प्रचार प्रसार कराएं।
उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि गवाह भयभीत होकर अपना बयान बदल देते हैं और कई बार उनकी हत्या तक करा दी जाती है। उन्होंने कहा कि गवाह बिना किसी भय या दबाव के न्यायालय में अपना बयान दे। इसके बाद उन्होंने कारागार का निरीक्षण का बैकरों में निरुद्ध बंदियों से उनकी समस्याएं सुनीं और कारागार अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश दिए। उनमें ज्यादातर अभियोजन संबंधी मुद्दे सामने आए।
शाम को उन्होंने देहली गेट थाने के निरीक्षण में रजिस्टरों के रखरखाव को बेहतर करने के निर्देश दिए। इस दौरान मालखाना, शस्तागार आदि का भी जायजा लिया। वहीं कोतवाली में पुलिस के सीसीटीवी कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर उसे और मजबूत बनाने पर जोर दिया। निरीक्षण के बाद उन्होंने पैदल गश्त करते हुए कोतवाली से बाहर ऊपरकोट, मोहम्मद अली रोड, सब्जी मंडी चौराहा, अब्दुल करीम चौराहा व रेलवे रोड पर लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं। शहर के हालात आदि पर बातचीत की। इस दौरान एसएसपी आकाश कुलहरि, एसपी सिटी अभिषेक, एसपी देहात मणीलाल पाटीदार, एसपी क्राइम डॉ.अरविंद, एसपी यातायात अजीजुल, सीओ विशाल पांडेय, प्रशांत सिंह, अनिल समानिया, संजीव दीक्षित, पंकज श्रीवास्तव सहित सभी सीओ मौजूद रहे। वह बुधवार को दोपहर 2 बजे से सर्किट हाउस में जनसमस्याएं सुनेंगे।
पब्लिक बोली साहब जाम बहुत लगता है
रेलवे रोड पर पैदल गश्त के दौरान जब डीजी आरपी सिंह लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं पूछ रहे थे तो उनके सामने दो-तीन लोगों ने जाम की समस्या सबसे अधिक बताई। इस पर उन्होंने कहा कि अधिकांश शहरों के घने बाजारों में कमोबेश यही हालात रहते हैं। इसके नियंत्रण के लिए खुद यहां के लोगों और पुलिस प्रशासन को मिलकर यह व्यवस्था तय करनी होगी कि अंदर छोटे वाहनों पर प्रतिबंध लगे। मगर व्यापारिक कामकाज के चलते ऐसा संभव नहीं हो पाता है। फिर भी उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस दिशा में प्रयास कराया जाएगा।
देहली गेट थाने के निरीक्षण के बाद देहली गेट चौराहे पर डीजी आरपी सिंह ने लैपर्ड को बुलाकर उसका कामकाज, उस पर तैनात सिपाही की बीट बुक, शिकायत रजिस्टर आदि का अवलोकन किया और उसके विषय में जरूरी दिशा निर्देश दिए।