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अलीगढ़ हाथरस के भक्तों ने केदारनाथ में बनवाई धर्मशाला

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राजा तिवारी, अलीगढ़।
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सोलह जून 2013 यह वह तारीख थी, जिस दिन केदारनाथ में आए जल प्रलय में सब कुछ नष्ट हो गया। आपदा में 4400 से अधिक लोग मारे गए या लापता हो गए। 4200 से ज्याता गांवों से संपर्क टूट गया। 991 स्थानीय लोग अलग-अलग जगहों पर मारे गए। 11091 से ज्यादा मवेशी बाढ़ में बह गए अथवा मलबे में दब गए। 2141 भवनों का नामों-निशान मिट गया। 100 से ज्यादा होटल, घर्मशाला ध्वस्त हो गए।
इन्हीं धर्मशालाओं में नष्ट हुई अलीगढ़-हाथरस धर्मशाला आठ साल बाद फिर से पुनर्जीवित हो उठी है। अलीगढ़-हाथरस निवासी भोले के भक्तों ने दान देकर तकरीबन 40 लाख रुपयों की लागत से भूतल और प्रथम तल पर कुल 12 कमरे बनवा दिए हैं। वहीं, दूसरे तल पर काम भी शुरू हो गया है। 16 जून 2013 के आठ साल बाद 16 जून 2021 में अब फिर से अलीगढ़-हाथरस धर्मशाला अस्तित्व में आ गई है।
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बता दें कि केदारनाथ मंदिर के सामने फर्श से चार-पांच मीटर की दूरी पर करीब 20 से 25 धर्मशालाएं हुआ करती थीं। यहां अलीगढ़-हाथरस धर्मशाला भी थी। जो मंदिर के ठीक सामने थी। इस धर्मशाला में रहने और खाने की सुविधा मुफ्त में दी जाती है। धर्मशाला के संचालक व स्थानीय पुरोहित पं. राजेंद्र प्रसाद तिवारी ने बताया कि मानिक चौक निवासी बालकिशन अग्रवाल ने आज से 40-50 साल पहले अनुरोध किया था कि अलीगढ़-हाथरस के नाम से यहां धर्मशाला बनाई जाए।
जमीन हमारे पास थी, लेकिन रुपये नहीं थे। बालकिशन अग्रवाल ने आर्थिक दान देकर एक कमरे का निर्माण कराया। इसके बाद से क्षेत्रीय श्रद्धालुओं ने इस धर्मशाला में अपने सामर्थ के अनुसार दान देकर धर्मशाला तैयार कराई। उन्होंने बताया कि 2013 में मंदिर के पीछे गांधी सरोवर से मंदाकिनी का उद्गम है।
गांधी सरोवर फट गया और जल प्रलय आई। इस जल प्रलय में अलीगढ़-हाथरस धर्मशाला जमींदोज हो गई। 2014 में यात्रा स्थगित रही तो 2015 में कुछ श्रद्धालु आए। उन्होंने पूछा कि महाराज जी धर्मशाला कहां है तो बताया गया कि वह तो बह गई। इस पर आर्थिक दान देकर दोबारा से धर्मशाला तैयार कराने का अनुरोध किया गया।
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बालकिशन अग्रवाल के बेटे विमल अग्रवाल और उनके परिवार ने फिर से एक कमरा बनवाया है, जबकि अलीगढ़-हाथरस के सहयोग से 2015 से लेकर 2021 तक भूतल और प्रथमतल पर कुल 12 कमरे बन गए हैं। इसकी लागत तकरीबन 40 लाख रुपये आई है। वहीं, आज भी अलीगढ़-हाथरस के यजमान सहयोग भेज रहे हैं। उन्होंने बताया कि दूसरे तल पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है। जल्द ही छह कमरे और तैयार हो जाएंगे। 2013 के बाद अलीगढ़-हाथरस धर्मशाला तैयार हो गई है। अब इंतजार है भक्तों के आने का।
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