दिल्ली के सरकारी अस्पताल में कोरोना से विकास खंड चंडौस के पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोरना रशीदपुर के प्रभारी प्रधानाध्यापक लोकेंद्र कुमार (44) की मौत हो गई। उन्होंने भी पंचायत चुनाव में ड्यूटी की थी। शिक्षक लोकेंद्र की पत्नी सुनीता सिंह ने योगी सरकार से मुआवजा व नौकरी की गुजारिश की है, क्योंकि इससे परिवार का भरण-पोषण होगा।
बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक रहे लोकेंद्र की पत्नी सुनीता ने बताया कि पति की मौत से उनका सब कुछ छिन गया है। वह बच्चों से बहुत प्यार करते थे। उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन-2021 में पति लोकेंद्र कुमार की पीठासीन अधिकारी के तौर पर ड्यूटी थी।
29 अप्रैल को मतदान ड्यूटी के बाद जब वह घर आए तो बताया कि उन्हें सिर दर्द हो रहा है और बुखार भी है। पत्नी ने कहा कि उन्होंने 2 मई को कोविड-19 एंटीजन टेस्ट, कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी बुलंदशहर में कराया, जहां उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
इसके बाद उन्होंने दवा लेनी शुरू कर दी, लेकिन उनकी हालत सुधरने की बजाय बिगड़ती गई, उन्हें 6 मई को सुचेता कृपलानी हॉस्पिटल दिल्ली में भर्ती कराया गया। उनका ऑक्सीजन स्तर गिरता रहा और उन्होंने 23 मई को दोपहर को दम तोड़ दिया।
परिवार में दो बच्चे हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। उधर, प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिला उपाध्यक्ष सत्यवीर सिंह ने कहा कि शालीन, योग्य मृदुभाषी, सहयोगी लोकेंद्र कुमार की मौत से शिक्षक समाज को क्षति पहुंची है, जिसकी भरपाई नहीं हो सकती।
मृतक शिक्षकों के परिजन शिक्षक संघ के संपर्क में
पंचायत चुनाव ड्यूटी की वजह कोरोना के शिकार शिक्षकों के परिजन उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री मुकेश कुमार सिंह के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि लगातार मृतक शिक्षक-शिक्षिकाओं के परिजन उनसे संपर्क करके सलाह-मशविरा ले रहे हैं। मुकेश कुमार ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में दिवंगत शिक्षकों के परिजनों के साथ उनकी सहानुभूति है। उन्हें हरसंभव मदद करेंगे।