पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद 2019 के चुनाव में खेमेबंदी के चलते कल्याण सिंह से उनकी नाराजगी हो गई। कल्याण सिंह ने उनके सामने अपने रिश्तेदार श्यौराज सिंह को इस चुनाव में दावेदार के तौर पर पेश किया। मगर कल्याण सिंह की नाराजगी, विरोध के बाद भी वे दूसरी बार टिकट लाने में सफल रहे। टिकट घोषणा के बाद वे काफी प्रयास के बाद कल्याण सिंह से उनके आवास पर मिले। उनसे नाराजगी दूर की और आशीर्वाद लिया।
तीसरे प्रयास में फिर हुआ विरोध
2024 के लिए तीसरे चुनाव में जब टिकट की दावेदारी शुरू हुई तो फिर विरोध कैंपेन शुरू हुआ। सोशल मीडिया से लेकर संगठन में अंदरखाने विरोध के स्वर जबरदस्त रहे। उनसे जुड़े अनगिनत मुद्दों की सूची तैयार कर संगठन में पहुंचाई गई। जिसमें जिले के खैर, टप्पल से लेकर शहर व कोल तक के विवाद शामिल रहे। इस बार दावेदारों की सूची भी बेहद लंबी रही। मगर कोई विरोध काम नहीं आया और संगठन ने तमाम जद्दोजहद के बाद सतीश गौतम पर विश्वास जताते हुए उन्हें टिकट दिया है।
विद्या नगर में मना जश्न, आज मनेगी भगवा होली
सांसद के विद्या नगर स्थित आवास कैंप कार्यालय पर रात नौ बजे टिकट की घोषणा के बाद ही समर्थकों का जुटना शुरू हो गया। इस दौरान आतिशबाजी के बीच मिठाई बांटी गई और जश्न मनाया गया। हालांकि, सांसद सतीश गौतम दिल्ली में हैं और वे सोमवार दोपहर यहां पहुंचेंगे। तब यहां होली मनाई जाएगी। इस मौके पर जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह लाला, चंद्रमणि कौशिक, शिवनारायण शर्मा, युवा मोर्चा महानगर अध्यक्ष अमन गुप्ता, प्रतीक चौहान, मनोज अग्रवाल, मीनेश भारद्वाज, संदीप चाणक्य, मनोज गौतम, ऋषभ गर्ग, मोनू अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
संगठन केंद्रीय नेतृत्व, प्रदेश नेतृत्व, जिला-महानगर संगठन के प्रयास और एक-एक कार्यकर्ता के आशीर्वाद से टिकट मिला है। इसके लिए मैं सभी का आभारी हूं। जैसे दस साल में सेवा की है और आगे भी करूंगा। विरोध पर किसी तरह की कोई टिप्पणी नहीं करनी है।-सतीश गौतम, सांसद
23 मार्च को हुई थी बैठक, 24 मार्च को मंथन के बाद घोषणा
भाजपा केंद्रीय कार्य समिति की बैठक 23 मार्च को ही दिल्ली में हो गई थी। इसके बाद सुबह टिकट होने की उम्मीद थी। मगर 24 मार्च दोपहर में फिर मंथन हुआ। इसके बाद अफवाहों का दौर शुरू हो गया। मगर देर रात अचानक टिकट घोषणा हो गई। इसे लेकर चर्चाएं थीं कि मेरठ, अलीगढ़, गाजियाबाद आदि सीटों पर फंसा होने के कारण देरी हुई।