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स्टॉपर तोड़ पटरी से उतरी मालगाड़ी

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अलीगढ़ में सीमा टाकीज के पास रेलवे फाटक माल गोदाम पर पटरी से उतरी मालगाड़ी। - फोटो : CITY OFFICE
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चावल से लदी मालगाड़ी रविवार शाम स्टापर तोड़ कर पटरी से उतर गई। गार्ड यान के आखिरी दो पहिये पटरी से उतरने से पूरी गाड़ी असंतुलित होकर तिरछी हो गई। नये साइडिंग ट्रैक पर हुई इस घटना से स्थानीय अधिकारियों में खलबली मच गई। रेलवे अधिकारी और आरपीएफ टीम मौके तुरंत पर पहुंची। टूंडला और इलाहाबाद के उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई। प्रथमदृष्टया परिचालन विभाग और शंट मैन की लापरवाही सामने आ रही है, मामले की जांच शुरू हो गई है। शाम चार बजे के करीब पंजाब के सुनाम से अलीगढ़ स्पेशल नाम की 58 रैक की मालगाड़ी चावल लेकर अलीगढ़ पहुंची। ये चावल एफसीआई का था, जो डिब्बों से उतार कर एफसीआई गोदाम भेजा जाना था। इसके लिए अनलोडिंग ठेकेदार मजदूरों की टीम के साथ पहुंच भी गए थे।
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मालगाड़ी को अनलोडिंग के लिए न्यू साइडिंग ट्रैक पर खड़ा कराया जा रहा था। गार्ड वैगन की तरफ शंटमैन बृजमोहन और इंजन की तरफ शंटमैन सादिक अहमद ड्यूटी दे रहे थे। वॉकीटॉकी पर दोनों संपर्क में थे। ड्राइवर और गार्ड को भी सूचना दी जा रही थी। अचानक वॉकीटॉकी से संपर्क टूटने पर दोनों ने मोबाइल पर बात शुरू की। इसी बीच तालमेल गड़बड़ाने से गार्ड यान का ब्रेक समय पर नहीं लग पाया और मालगाड़ी स्टापर तोड़ कर लाइन से आगे बढ़ गई। जिससे गार्ड यान के आखिरी दो पहिये पटरी से उतर गए। ड्राइवर ने इसी बीच इमरजेंसी ब्रेक लगा कर अन्य डिब्बों को डीरेल होने से बचा लिया। खबर मिलते ही यातायात निरीक्षक मो. इश्हाक, सीएमआई संजय शुक्ला, एसएस राजा बाबू, एएससी आरपीएफ धीरेंद्र कुमार, प्रभारी निरीक्षक सीएस तोमर मौके पर पहुंचे। मालगाड़ी को स्टापर लाइन पर लाने के लिए एक्सीडेंट रीलीफ ट्रेन को बुलाया गया। हादसे की जांच भी शुरू कर दी गई है।
55 डिब्बों की क्षमता वाले ट्रैक पर 58 रैक की मालगाड़ी क्यों..?
मालगाड़ी डीरेल होने के मामले में प्रथमदृष्टया शंटमैन की गलती सामने आ रही है, फिलहाल जांच पूरी होने के बाद ही तय होगा कि हादसे की मुख्य वजह क्या रही..? दोषी कौन है..? जिसके आधार पर नियम संगत कार्रवाई होगी। देर रात तक हुई जांच के अनुसार वर्तमान व्यवस्था के तहत 58 रैक की मालगाड़ी को पुराने साइडिंग पर खड़ा कराना चाहिए था, क्योंकि इसकी क्षमता 58 रैक (डिब्बों) की है। इसके बावजूद उक्त मालगाड़ी को नये साइडिंग ट्रैक पर खड़ा कराया जा रहा था, जिसकी क्षमता 55 डिब्बों की है। तीन डिब्बे ज्यादा होने के बावजूद परिचालन विभाग ने इसको गंभीरता से नहीं लिया। अनलोडिंग ठेकेदार ने अपनी ‘साख’ से इसका ट्रैक बदला लिया था। मौके पर परिचालन अधिकारी भी नहीं पहुंचे थे। केवल शंटमैन के सहारे ही गाड़ी को खड़ा कराया जा रहा था। इन्हीं खामियों के कारण मालगाड़ी डीरेल हुई।
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