उन्होंने कहा कि गाय के गोबर एवं मूत्र से तैयार जैव उर्वरकों के प्रयोग से उत्पन्न पैदावार से शरीर रोगमुक्त रहता है। निरोगी काया के लिए गौमाता का पालन-पोषण, संरक्षण एवं संवर्धन जरूरी है। देश में कई विदेशी नस्ल की गाय आ गई हैं जो दूध तो ज्यादा देती हैं, परन्तु दूध की गुणवत्ता की जब देशी गाय के दूध से तुलना करते हैं, तो उसमें जमीन-आसमान का फर्क नजर आता है।
ये रहे मौजूद
गौवंश चिकित्सा केंद्र का शिलान्यास के दौरान सांसद सतीश कुमार गौतम, एमएलसी डॉ मानवेन्द्र प्रताप सिंह, चौधरी ऋषिपाल सिंह, विधायक कोल अनिल पाराशर, भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष राजीव शर्मा, जिला महामंत्री शिव नारायण शर्मा, चौधरी देवराज सिंह, सीडीओ प्रखर कुमार सिंह, नगर आयुक्त विनोद कुमार, डीडीओ आलोक आर्य, पीडी भाल चन्द त्रिपाठी, सीवीओ डॉ दिवाकर त्रिपाठी, स्वामी श्री पूर्णानन्द पुरी, गोपेश कृष्णदास महाराज, रमाकान्त उपाध्याय, सुनील निमाना, सुभाष लिटिल, सुमित सर्राफ, लाजेश वार्ष्णेय आदि मौजूद रहे।