मकान के ऊपर से होकर बिजली की लाइन जा रही थी। तार टूटा, तो विभाग जोड़ने पहुंचा, पर उन्हें तार नहीं जोड़ने की कहकर दौड़ा दिया गया। विभाग ने थाने में तहरीर दे दी। वहीं मकान स्वामी ने विभाग के खिलाफ जाकर तहरीर दे दी।
बिजली विभाग ने उपभोक्ता के खिलाफ थाने में तहरीर दे दी, तो उपभोक्ता ने विभाग के खिलाफ तहरीर दे दी। फिर दोनों पक्षों ने शिकायतें वापस ले लीं। बस बात इतनी थी कि मकान के ऊपर से होकर बिजली की लाइन जा रही थी। तार टूटा, तो विभाग जोड़ने पहुंचा, पर उन्हें तार नहीं जोड़ने की कहकर दौड़ा दिया गया। विभाग ने थाने में तहरीर दे दी। मकान स्वामी ने विभाग के खिलाफ जाकर तहरीर दे दी। मकान के ऊपर से बिजली की लाइन को एक माह में हटाने के आश्वासन के बाद तार जोड़ दिया गया और दोनों पक्ष की तहरीर वापस ले ली गईं।
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अलीगढ़ में थाना गंगीरी के गांव कुमरौआ निवासी रतनसिंह के मकान के ऊपर से होकर बिजली की लाइन जा रही है। शनिवार की रात को बिजली का तार टूट गया। टूटे पड़े तार को जोड़ने के लिये बिजली घर के कर्मचारी गये, तो रतनसिंह ने तार को नहीं जोड़ने दिया। रतनसिंह ने कहा कि मकान के ऊपर से लाइन को हटा दो, तभी तार जोड़ने दूंगा। बिजली कर्मचारियों को दोड़ा दिया।
अपनी जान बचा कर बिजली घर के कर्मचारी भाग गए और रतनसिंह के खिलाफ थाने में सरकारी काम में बाधा डालने की तहरीर दे दी। इधर रतनसिंह ने भी बिजली घर के कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर दे दी। मंगलवार को जेई गंगीरी निरंजनसिंह ने पुलिस टीम के साथ गांव जाकर रतनसिंह से कहा कि एक माह में मकान के ऊपर से लाइन को हटावा देंगे। इस आश्वाशन पर रतनसिंह ने टूटे पडे बिजली की लाइन के तार को जोड़ने दिया। इस पर दोनों तरफ की तहरीरें वापस ले लीं गईं।