- 210 बेड जिले में डेंगू के लिए किए गए हैं आरक्षित
- 30-30 बेड जिला व दीनदयाल अस्पताल में आरक्षित
- 5-5 बेड जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर
- 90 बेड जेएन मेडिकल कॉलेज में डेंगू किए गए आरक्षित
- 50 घरों में मरीज मिलने के बाद की जा रही निरोधात्मक कार्रवाई
- 18 मशीनों से प्रतिदिन फॉगिंग कराने का निगम कर रहा दावा
समस्या
- मरीजों की संख्या को देखते हुए कम पड़ रहे बेड
- मरीज मिलने पर या सिफारिशों पर होती है अब फॉगिंग
- निगम में शामिल नए इलाकों में नियमित सफाई का अभाव
शहर के हालात
शहर के कुंवर नगर, महेंद्र नगर, डोरी नगर, पला साहिबाबाद, आगरा रोड, मथुरा रोड, तुर्कमान गेट, नगला मसानी, इंदिरा नगर, खैर रोड, शाहजमाल, जमालपुर, जलालपुर, जीवनगढ़, क्वार्सी बाईपास के देवी नगला कयामपुर के इर्द-गिर्द गंदगी और जलभराव से हाल बेहाल है।
शहर में 18 मशीनें प्रतिदिन फॉगिंग कर रही हैं। जिसमें उन्हें प्रतिदिन एक मशीन के अनुसार डेढ़ लीटर पेट्रोल व 12 लीटर डीजल दिया जा रहा है। इसके अलावा आठ मशीनों से एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। जहां मरीज मिलते हैं, उन इलाकों में विशेष तौर पर अभियान चलाया जाता है। मशीनों से जीओ टैगिंग के जरिये काम करते के फोटो लिए जाते हैं।
हकीकत
नगर निगम शहर में 18 मशीनों से नियमित फॉगिंग का दावा है। मगर ये मशीनें कब? कहां? बंक मार जाएं कुछ पता नहीं चलता। बस हर दिन एक फोटो खींचकर अफसरों को दिखाकर काम पूरा होने की इतिश्री की जा रही है।
अस्पतालों में सुबह से ही लग जाती है कतार
अस्पतालों में मच्छर जनित रोगों के मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। हालात बेकाबू होते दिख रहे हैं। निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भीड़ के चलते स्थान नहीं मिल पाता है और सरकारी अस्पतालों में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। सुबह से ही अस्पतालों में भीड़ लग जाती है।
शहरी क्षेत्रों में निकायों को और देहात में पंचायत राज विभाग को सफाई व फॉगिंग के लिए पहले से सूची दे रखी है। मगर इस बार पहले की तरह सफाई व फॉगिंग की कमी देखने को मिल रही है। कई बार इसके लिए कहा गया है। -डॉ.राहुल कुलश्रेष्ठ, डीएमओ
टीमें लगातार काम कर रही हैं। फिर भी अगर किसी स्तर पर लापरवाही हो रही है तो जांच कराई जाएगी। शहर में फॉगिंग पर विशेष निगरानी के जरिये काम कराया जाएगा। -राकेश यादव, अपर नगर आयुक्त