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छात्रों के निलंबन वापस लेने की मांग लेकर छात्रों का प्रदर्शन

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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में गुरुवार को छात्रों ने एएमयू कैंटीन से बाब-ए-सैयद तक विरोध मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने एएमयू प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारी छात्र एसटीएस स्कूल के छात्रों पर की गई निलंबन की कार्रवाई को वापस लेने की मांग कर रहे थे। छात्र नेताओं ने कुलपति को चेतावनी दी कि निलंबन वापस नहीं लिया जाता तो आने वाले दिनों में इससे भी जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।
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दोपहर करीब साढ़े बारह बजे छात्र एएमयू कैंटीन पर एकत्र हुए, जहां से बाब-ए-सैयद तक विरोध मार्च निकाला। एएमयू सर्किल पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त थे। आरएएफ जवान, पुलिस कर्मी मुस्तैद रहे। हालांकि, छात्रों को बाब-ए-सैयद पर ही रोक लिया गया, जहां उन्होेंने कुलपति को संबोधित तीन सूत्री ज्ञापन डिप्टी प्रॉक्टर प्रो. इफ्फत अजहर को सौंपा।
छात्रों का कहना है कि प्रशासन के झूठे मुकदमे में छात्र नेता हमजा सूफियान व हुजैफा आमिर को जेल जाना पड़ा, लेकिन इंतजामिया की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया। छात्र नेताओं ने कहा कि इसी मामले में एसटीएस के छात्रों को निलंबित कर दिया गया, जिससे उनका करियर खराब हो सकता है, इसलिए उनका निलंबन वापस लिया जाए। साथ ही कैंपस की चारों ओर पुलिस, आरएएफ के जवानों को हटाया जाए।
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एएमयू में फर्जी तरीके से नौकरी, प्रवेश के खिलाफ भी छात्र नेताओं ने आवाज बुलंद की। इस दौरान पूरी प्रॉक्टोरियल टीम मौजूद रही। इस अवसर पर छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी, छात्र नेता जानिब हसन, फराहम अली, आरिफ त्यागी, इमरान खान, शिकोह मोहम्मद, नईम, फरहान जुबैरी, खुबैब नावेद, अब्दुल्लाह, इंजमाम आदि मौजूद रहे।
यह था मामला
पिछले दिनों एएमयू प्रशासनिक भवन में हंगामा, तोड़फोड़ के मामले में एएमयू छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष हमजा सूफियान व पूर्व सचिव हुजैफा आमिर को पुलिस ने हिरासत में लेकर कोर्ट ने जेल भेज दिया। साथ ही एएमयू प्रशासन ने दोनों छात्र नेताओं को पांच वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया था। इसके अलावा हंगामा व तोड़फोड़ के मामले में एसटीएस हाईस्कूल के 10 छात्रों को निलंबित कर दिया था।
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