मां-बेटी की मौत गोली लगने से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है। वहीं घटना के मुख्य आरोपी मोना सहित सात आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है।
थाना प्रभारी निरीक्षक विजयकांत शर्मा ने बताया कि संपत्ति के विवाद में आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से पहले प्रियंका की जमकर पिटाई की और बाद में सिर पर गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद गांव रास्ते में मंदिर के पास मुकेश देवी को घेरकर बेरहमी से पीटा और नजदीक से उनके सिर पर भी गोली मारकर हत्या कर दी। दोहरे हत्याकांड की मूल वजह सुरेश का दिल्ली वाला मकान है, जिसे सुरेश की मौत के बाद आरोपी देवर व भतीजे हासिल करना चाहते थे।
तीन घंटे में दूर हुआ भ्रम, मां-बेटी के गोली भी मारी
गोंडा के गांव कैमथल की मढ़ी में मां-बेटी की हत्या के दौरान पीटने के साथ-साथ उनकी कनपटी से सटाकर गोलियां भी मारी गईं। पोस्टमार्टम के दौरान तीन घंटे में इस बात का भ्रम दूर हो सका और एक्सरे में जब दोनों के सिर में गोलियां मिलीं तो यह तथ्य उजागर हुआ।
बता दें कि कैमथल निवासी सुरेश कुमार की बीते दिनों बीमारी के चलते दिल्ली में मौत हो गई थी। सोमवार को गांव में तेरहवीं संस्कार का कार्यक्रम था। तभी मृतक के भाई व भतीजों ने संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद शुरू कर दिया और मां-बेटी की हत्या कर दी। शुरुआत में शोर मचा कि दोनों को लाठी-डंडों से पीटा गया है। सिर व शरीर के अन्य हिस्सों पर पंचायत नामा भरे जाने के दौरान भी गोली जैसे निशान नहीं पाए गए। मगर पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टर को संदेह हुआ कि नीलगू व पीटे जाने की अन्य चोटों के अलावा उन्हें गोली भी मारी गई है। इस पर दोनों के शवों को एक्सरे के लिए भेजा गया। तब जाकर स्पष्ट हुआ कि दोनों सिरों में गोली फंसी है। इससे माना गया कि उनको कनपटी से सटाकर गोली मारी गई। दोनों सिर में 315 बोर के खोखा धंसे मिले हैं।
इस दोहरे हत्याकांड में मुख्य अभियुक्त मोना सहित सात को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। पीएम रिपोर्ट में गोली लगने से मौत होना उजागर हुआ है। बाकी सभी पहलुओं पर पुलिस टीम काम कर रही है।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी