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Delivery Boy: ई-कॉमर्स की 'रीढ़' बने डिलीवरी बॉय की झुक रही रीढ़, बाइक की सीट का डिजाइन बदलने की सिफारिश

Wed, 21 Jan 2026 09:40 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

भोजन और पार्सल से भरे बैग के साथ चलाने पर छाती, कंधे और नितंब में ज्यादा असुविधा दर्ज की गई। शारीरिक दर्द और थकान में स्पष्ट वृद्धि हुई। स्पीड ब्रेकर पर लगने वाले झटकों से स्थिति और खराब हो जाती है।
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डिलीवरी बॉय - फोटो : freepik
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विस्तार
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तेजी से फैलते ई-कॉमर्स उद्योग की रीढ़ डिलवरी बॉय ही है। भारी-भरकम बैग का बोझ, ऊबड़-खाबड़ सड़क, वाहन, गलत बैठने की मुद्रा, लंबे समय तक चलाना और अत्यधिक कंपन मिलकर मांसपेशियों और रीढ़ से जुड़ी बीमारियों को जन्म दे रहे हैं।
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एएमयू के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में डिलीवरी राइडर्स की शारीरिक असुविधा, मांसपेशियों की थकान और पूरे शरीर पर पड़ने वाले कंपन का अध्ययन हुआ। शोध में एक पायलट अध्ययन, दो मुख्य प्रयोग और दो सिमुलेशन मॉडल शामिल किए गए।

विभाग के प्रो. आबिद अली खान की देखरेख में शोधार्थी मोहम्मद परवेज ने शोध किया। पायलट अध्ययन में पाया गया कि मोटरसाइकिल चलाने के दौरान राइडर्स को हाथ, कलाई और हथेली में सबसे अधिक असुविधा महसूस होती है। कंपन का स्तर अंतरराष्ट्रीय मानक आईएसओ 2631-1 द्वारा तय सुरक्षित सीमा से अधिक पाया गया है।
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उन्होंने बताया कि डिलीवरी राइडर्स के लिए एर्गोनॉमिक सीट डिजाइन विकसित किए जाने चाहिए। बैकपैक को शरीर के अनुसार डिजाइन करने और मोटरसाइकिल के सस्पेंशन सिस्टम को बेहतर बनाया जाए तो राइडर्स की सेहत और सुरक्षा बढ़ेगी, साथ ही उनकी कार्यक्षमता और संतुष्टि में भी इजाफा होगा।

प्रो. आबिद अली खान ने बताया कि 15 बाइक राइडर्स पर डिलीवरी राइडर्स पर बैकपैक लोड के प्रभाव का अध्ययन किया गया। इसमें यह देखा गया कि झुककर (फॉरवर्ड-लीन) मोटरसाइकिल चलाने पर कंपन और मांसपेशियों पर तनाव, सीधे बैठकर चलाने की तुलना में कहीं अधिक होता है।

सभी दिशाओं में कंपन का स्तर तय सीमा से चार से पांच गुना तक अधिक पाया गया। इससे पीठ, गर्दन, कंधे और हाथों की मांसपेशियों में थकान बढ़ने और वर्क-रिलेटेड मस्कुलोस्केलेटल डिसऑर्डर का खतरा सामने आया। भोजन और पार्सल से भरे बैग के साथ चलाने पर छाती, कंधे और नितंब में ज्यादा असुविधा दर्ज की गई। शारीरिक दर्द और थकान में स्पष्ट वृद्धि हुई। स्पीड ब्रेकर पर लगने वाले झटकों से स्थिति और खराब हो जाती है।

सिमुलेशन मॉडल: समाधान की दिशा
शोध में लैबव्यू आधारित सिमुलेशन मॉडल विकसित कर यह समझने की कोशिश की गई कि सड़क की स्थिति, गति और समय किस तरह राइडर के आराम को प्रभावित करते हैं। दूसरे सिमुलेशन मॉडल में मोटरसाइकिल सीट के डिजाइन को अनुकूलित किया गया। इसमें सीट की कठोरता, वजन और कुशन की गुणवत्ता जैसे चार अहम पैरामीटर सामने आए, जिनके सही संयोजन से कंपन को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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