सीएए-एनआरसी के विरोध के दौरान 24 फरवरी 2020 को दिल्ली में हुए दंगे का आरोपी यहां सराय रहमान तकिया वाली गली में छिपकर फरारी काट रहा था। उसे सटीक मुखबिरी पर दिल्ली पुलिस ढाई साल बाद गिरफ्तार कर ले गई है। हालांकि स्थानीय पुलिस को बिना सूचना या मदद के यह गिरफ्तारी की गई है। जानकारी में आया है कि वह यहां अपनी ससुराल में बीवी-बच्चों संग रह रहा था और एक ताला फैक्टरी में काम करने लगा था। उसी फैक्टरी से पुलिस उसे लेकर गई है।
दिल्ली पुलिस ने वसीम नाम के युवक की गिरफ्तारी की है। वह दिल्ली में 2020 में हुए दंगों में शामिल रहा था। उसके विषय में जानकारी मिली है कि अलीगढ़ के सराय रहमान इलाके में उसकी ससुराल है। यहीं वह तकिया वाली गली में आकर रहने लगा था। इस दौरान उसने एक ताला फैक्टरी में काम करना भी शुरू कर दिया था।
उसके विषय में दिल्ली पुलिस को काफी प्रयास के बाद इनपुट मिला। इसी सटीक इनपुट पर पुलिस उसे यहां से चार दिन पहले लेकर गई है। हालांकि इस विषय में बन्नादेवी पुलिस से लेकर वरिष्ठ अधिकारी तक अंजान हैं। एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत का कहना है कि किसी तरह के मामले में दिल्ली पुलिस यहां आई है। ऐसा संज्ञान में नहीं है और न मदद मांगी गई है।