खैर रोड पर कभी ट्रांसपोर्ट नगर की मांग और जमीन चिह्नित करने तक सीमित रही योजना अब जमीन पर आकार लेने लगी है। एडीए के ट्रांसपोर्ट नगर में भूखंडों की नीलामी शुरू हो चुकी है। दिल्ली-एनसीआर के निवेशक भी यहां कारोबार की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
दो भूखंडों पर निर्माण की शुरुआती गतिविधियां शुरू होने के साथ फिलिंग का काम चल रहा है। यह शुरुआत ऐसे समय में हुई है, जब खैर रोड और उसके आसपास औद्योगिक, शैक्षणिक और आवासीय विकास की कई बड़ी परियोजनाएं आकार ले रही हैं।
ट्रांसपोर्ट नगर का आकर्षण केवल भूखंड खरीदने तक सीमित नहीं है। अंडला का डिफेंस कॉरिडोर, राजपुरा इंडस्ट्रियल सिटी, आरएमपीयू और ग्रेटर अलीगढ़ आवासीय योजना जैसे प्रोजेक्ट भविष्य में माल ढुलाई, गोदाम, ट्रांसपोर्ट फर्म, वाहन मरम्मत, स्पेयर पार्ट्स और अन्य सहायक कारोबार की मांग बढ़ा सकते हैं।
निवेशक इसी संभावित कारोबारी विस्तार को ध्यान में रखकर यहां अपनी मौजूदगी बनाने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, इन संभावनाओं का वास्तविक असर परियोजनाओं की प्रगति और ट्रांसपोर्ट नगर में जरूरी सुविधाओं के विकास पर निर्भर करेगा।
ट्रांसपोर्ट नगर का सफर : मांग से जमीन पर उतरने तक
अलीगढ़ में ट्रांसपोर्ट नगर की जरूरत करीब तीन दशक से महसूस की जा रही थी। वर्ष 1993 से इसकी मांग उठती रही, लेकिन जमीन और भू-उपयोग संबंधी अड़चनों के कारण योजना आगे नहीं बढ़ सकी। वर्ष 2018-19 में तत्कालीन जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह के समय खैर रोड के ल्हौसरा विसाबन में जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया तेज हुई। करीब 85 हेक्टेयर भूमि पर योजना विकसित करने का रास्ता बना। वर्ष 2022 में योजना को औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया।
- प्रस्तावित कारोबारी गतिविधियां
ट्रांसपोर्ट फर्म, ट्रक ऑपरेटर, गोदाम, वाहन मरम्मत, स्पेयर पार्ट्स, ढाबे-रेस्तरां, होटल और पेट्रोल पंप जैसी सुविधाएं मिलेंगी।लेआउट में हरियाली, पार्किंग और सार्वजनिक उपयोग की सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है।
ट्रांसपोर्ट नगर के भूखंडों के लिए नीलामी की प्रक्रिया में निवेशकों का अच्छा रुख देखने को मिला है। निवेशकों ने भूखंडों की नीलामी में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है। - राहुल विश्वकर्मा, सचिव, एडीए