फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi Blast: आंखों के सामने हुआ धमाका, ऐसा लगा मानो बम बरसाए जा रहे हों, धमाके के साथ उछल पड़ी थी कार

Tue, 11 Nov 2025 01:24 PM IST
चमन शर्मा अभिषेक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

दिल्ली के मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के सामने जिस समय धमाका हुआ, उस समय शहर के दो युवा नेता भी वहां थे। उन्होंने धमाके के साथ एक कार को काफी ऊंचाई तक उछलते हुए देखा। यह देखते ही वह वहां से भाग लिए।
विज्ञापन
चश्मदीद राजेश वार्ष्णेय व अमित गोस्वामी - फोटो : स्वयं
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली के थोक बाजार लाजपत राय मार्केट में जिस समय धमाका हुआ। उस समय अलीगढ़ शहर की सूर्य सरोवर कालोनी का रहने वाला एजेंट राजेश वार्ष्णेय मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1 के सामने भागीरथ पैलेस में एलईडी टीवी खरीद रहा था। अचानक से एक एक कर कई धमाके होते ही वहां भगदड़ मच गई। खुद वह उस भगदड़ में शामिल था। बोला- ऐसा लग रहा था कि मानो ऊपर से बम बरसाए जा रहे हों। राजेश ने भी एलईडी समेत सारा सामान दुकान नंबर-813 पर छोडक़र भागने में भलाई समझी। वह सीधे स्टेशन पहुंच गया। वहां से अलीगढ़ के लिए रवाना हुआ।

विज्ञापन


ये घटनाक्रम शाम करीब 6:30 बजे के आसपास का है। राजेश वार्ष्णेय शहर के इलेक्ट्रानिक बाजार के लिए अलग अलग इलेक्ट्रानिक सामान खरीदने हर दिन एमएसटी के सहारे ट्रेन से दिल्ली आते जाते हैं। दिल्ली धमाके के बाद मगध एक्सप्रेस में सवार होकर अलीगढ़ आ रहे राजेश से जब 9:30 बजे करीब बात हुई तो उन्होंने बताया कि वह सोमवार को एलईडी खरीदने गए थे। वह इस घटना के समय मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1 के पीछे भागीरथ पैलेस की दुकान नंबर -813 पर थे।

अचानक से एक एक कर स्टेशन के उस पार धमाके होने लगे। लगा कि कोई ऊपर से बम बरसा रहा है। अचानक से हुए घटनाक्रम पर सभी सहम गए। मारे दहशत के भगदड़ शुरू हो गई। धमाकों में उसी समय दस लोगों की जान चली गई थी। वह खुद उसी दुकान पर सामान छोडक़र भाग छूटे। कुछ आगे पहुंचने पर पता चला कि ये सब बम धमाके कारों में किए गए हैं। इसके बाद वे काफी दूर तक चलते रहे। तब उन्हें एक ऑटो मिला। जिससे वे सीधे करीब आठ बजे स्टेशन पहुंच गए। वहां पहुंचकर पूरा माजरा समझ में आया कि दिल्ली में क्रमवार बम धमाके हुए हैं। इसके बाद उन्होंने अपने परिवार से बात की।
विज्ञापन


उन्होंने सब छोड़कर अलीगढ़ आना उचित समझा। 9 बजे करीब ट्रेन के आने पर वह उसमें सवार हो गए। जब ट्रेन अलीगढ़ की ओर चल दी। तब जाकर उन्होंने राहत महसूस की। उन्होंने बताया कि उनकी तरह कई लोग दिल्ली हर दिन इसी तरह सामान खरीदने जाते हैं। कोई उनके संपर्क में तो नहीं आया। मगर अधिकांश लोग इसी तरह वापस आ रहे थे।

विज्ञापन

धमाके के साथ उछल पड़ी थी कार

दिल्ली के मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के सामने जिस समय धमाका हुआ, उस समय शहर के दो युवा नेता भी वहां थे। उन्होंने धमाके के साथ एक कार को काफी ऊंचाई तक उछलते हुए देखा। यह देखते ही वह वहां से भाग लिए।

इस विषय में खुद चश्मदीद के रूप में भाजयुमो उपाध्यक्ष अमित गोस्वामी व छात्र नेता बल्देव सीटू बताते हैं कि उन्हें किसी परिचित से मिलना था। उसने उन्हें लाल किला के मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1 के बाहर ही बुलाया था। जब वे पहुंचे तो गेट नंबर एक से पहले की रेड लाइट पर वे रुक गए। उन्हें लगा कि इससे आगे अगर गाड़ी लेकर गए तो फिर आगे से यू-टर्न लेकर आना होगा। इसलिए उन्होंने गाड़ी वहीं साइड में लगा दी।

वह गाड़ी से उतरकर चंद कदम आगे बढ़ ही रहे थे, तभी अचानक रेड लाइट के उस पार पहली गाड़ी करीब 6:40 बजे तेज धमाके के साथ ऊपर उछली। इतना होते ही भगदड़ व चीख पुकार मच गई। वे कुछ समझ पाते, तब तक धमाके व भगदड़ के चलते उन्होंने भी कदम पीछे खींच लिए। बाद में गाड़ी में सवार होकर वापस हो लिए। काफी दूर जाकर रुकने पर पता चला कि कई धमाके हुए हैं। जिस व्यक्ति से मिलना था, उससे मिलना रद्द कर अब नोएडा रुक गए हैं। सुबह उससे मिला जाएगा। आज इस घटना के समय मौत को बिल्कुल करीब से देखा। काफी देर में जाकर मानसिक स्थिति सामान्य हो पाई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें