दिल्ली के मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के सामने जिस समय धमाका हुआ, उस समय शहर के दो युवा नेता भी वहां थे। उन्होंने धमाके के साथ एक कार को काफी ऊंचाई तक उछलते हुए देखा। यह देखते ही वह वहां से भाग लिए।
इस विषय में खुद चश्मदीद के रूप में भाजयुमो उपाध्यक्ष अमित गोस्वामी व छात्र नेता बल्देव सीटू बताते हैं कि उन्हें किसी परिचित से मिलना था। उसने उन्हें लाल किला के मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1 के बाहर ही बुलाया था। जब वे पहुंचे तो गेट नंबर एक से पहले की रेड लाइट पर वे रुक गए। उन्हें लगा कि इससे आगे अगर गाड़ी लेकर गए तो फिर आगे से यू-टर्न लेकर आना होगा। इसलिए उन्होंने गाड़ी वहीं साइड में लगा दी।
वह गाड़ी से उतरकर चंद कदम आगे बढ़ ही रहे थे, तभी अचानक रेड लाइट के उस पार पहली गाड़ी करीब 6:40 बजे तेज धमाके के साथ ऊपर उछली। इतना होते ही भगदड़ व चीख पुकार मच गई। वे कुछ समझ पाते, तब तक धमाके व भगदड़ के चलते उन्होंने भी कदम पीछे खींच लिए। बाद में गाड़ी में सवार होकर वापस हो लिए। काफी दूर जाकर रुकने पर पता चला कि कई धमाके हुए हैं। जिस व्यक्ति से मिलना था, उससे मिलना रद्द कर अब नोएडा रुक गए हैं। सुबह उससे मिला जाएगा। आज इस घटना के समय मौत को बिल्कुल करीब से देखा। काफी देर में जाकर मानसिक स्थिति सामान्य हो पाई।