दिल्ली से अलीगढ़ आ रही ईएमयू (ट्रेन संख्या 64152) रविवार दोपहर जंक्शन के प्लेटफार्म दो पर आते वक्त क्रॉसओवर के दौरान धमाके के साथ पटरी से उतरी गई। ब्रेकयान के आगे की बोगी पटरी से उतरकर करीब 150 मीटर तक घिसटती चली गई। गनीमत रही कि ट्रेन की रफ्तार उस वक्त 30 किमी प्रतिघंटा थी। चालक और गार्ड की सूझबूझ से गाड़ी पलटने से बच गई। वहीं, बोगी में सवार करीब 150 यात्री बाल-बाल बच गए। इधर, हादसे के बाद पटरी क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे आठ घंटे तक दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग बाधित रहा। मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने सात घंटे के ऑपरेशन के बाद बोगी को पटरी पर चढ़ाया और लाइन को दुरुस्त किया। इलाहाबाद मंडल के डीआरएम अमिताभ ने स्टेशन अधीक्षक डीके गौतम की अध्यक्षता में छह सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है।
हादसा, दोपहर 12:08 बजे का है। ईएमयू (ट्रेन संख्या 64152) मेन डाउन लाइन से प्लेटफार्म नंबर दो की लूप लाइन पर आने के लिए बरछी बहादुर दरगाह के पीछे बने क्रॉस ओवर पर लाइन बदल रही थी। 12 बोगी वाली ट्रेन के 10 कोच प्लेटफार्म की ओर बढ़ चुके थे, तभी 11वीं बोगी (संख्या 31376) अचानक से डिरेल हो गई। यह बेक्रयान से सटी बोगी थी। इससे तेज धमाका हुआ और यात्रियों में अफरातफरी मच गई।
ब्रेकयान में सवार गार्ड गेंदालाल ने तत्काल गाड़ी के प्रेशर ब्रेक लगा दिए। इससे बोगी करीब 150 मीटर तक घिसटने के बाद रुकी। हादसा होने से पटरी और क्रास ओवर क्षतिग्रस्त हो गया। बोगी के पहिये और अन्य कलपुर्जे भी क्षतिग्रस्त हो गए। हादसा होने पर यात्री बोगी से कूद-कूदकर भागने लगे।
ये बताई जा रही हादसे की वजह
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक गाड़ी में कुछ लोग सवार थे, जो दिल्ली से अवैध रूप से कपड़ों की गठरियां लेकर आए थे। उन्होंने गाड़ी के प्लेटफार्म पर लगने से पहले ही गठरियों को उतार कर लाइन किनारे फेंकना शुरू कर दिया। इन्हीं में से एक गठरी गाड़ी के पहिये के नीचे आ गई, जिसके कारण बोगी संख्या 31376 डिरेल हो गई।
काटकर जोड़ी गईं नई पटरियां
अलीगढ़। सूचना पर टूंडला से रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। टीम ने ट्रैक को सुचारु करने के लिए रेललाइन के क्षतिग्रस्त हिस्से को काट कर अलग किया। साथ ही डीरेल बोगी को हटाकर लाइन को साफ किया गया।