खैर के अंडला गांव में डिफेंस कॉरिडोर स्थापित करने से पहले पेड़ पौधे कटवाने के लिए यूपीडा को जेब ढीली करनी पड़ेगी। वन विभाग ने इसके लिए 1.95 करोड़ का हर्जाना तय कर दिया है। इस रकम से 1.15 लाख पौधे लगाने और पांच साल तक उनके रख रखाव का काम वन विभाग करेगा। गभाना के गांव मौजूपुर में 70 हेक्टेयर जमीन भी वन अधिकारियों ने पौधरोपण के लिए तलाश ली है। यहां पीपल, बरगद, पाखड़, गूलर जैसे पौधे लगाए जाएंगे।
खैर के अंडला में जिस 56 हेक्टेयर भूमि पर डिफेंस कॉरिडोर स्थापित होने जा रहा है। इसमें से 46 हेक्टेयर पहले वन विभाग की थी। वर्षों पहले वन विभाग ने उक्त जमीन कृषि विभाग को दे दी थी। अब वह जमीन यूपीडा के नाम पर हो गई है। इस जमीन पर वर्तमान में 11 हजार 500 पेड़ पौधे लगे हैं। इनमें से अधिकांश औषधी गुणों वाले पेड़ जैसे बबूल, कंजी, यूकेलिप्टस, शीशम, पाखड़, नीम, बेर प्रजाति के हैं। इन पेड़ पौधों को काटने की एवज में वन विभाग अपने अधिनियम के मुताबिक एक पेड़ की एवज में 10 पौधे लगवाने के नियम पर काम कर रहा है। इस प्रकार 1.15 लाख पौधे लगवाना यूपीडा से तय हुआ है।
जिला वन अधिकारी एनपी उपाध्याय के मुताबिक गभाना के गांव मौजूपुर में 70 हेक्टेयर जमीन पिछले दिनों कब्जा मुक्त कराई थी। वहां पर 1.15 लाख पौधे लगवाए जाएंगे। अंडला से पेड़ पौधे काटने, मौजूपुर में नई पौध के लिए गड्ढा खोदने से लेकर खाद, पौध खरीद, पौधरोपण व अगले पांच साल तक उनके रख रखाव के हिसाब से 1.95 करोड़ रुपये का हर्जाना यूपीडा पर तय किया गया है। उनको पत्र भी भेज दिया है। सूचना मिली है कि बुधवार को उन्होंने पत्र पर संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को धनराशि देने के संबंध में अवगत भी करा दिया है। जैसे ही पैसा मिल जाएगा। पेड़ काटने का काम शुरू कर दिया जाएगा।